खरगोन नाबालिग विवाह मामले में NHRC सख्त, एसपी को नोटिस

Thu 09-Apr-2026,06:17 PM IST +05:30

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खरगोन नाबालिग विवाह मामले में NHRC सख्त, एसपी को नोटिस khargone-Minor-Marriage-NHRC
  • खरगोन के कथित नाबालिग विवाह मामले में NHRC ने संज्ञान लेकर एसपी को 7 दिनों में एक्शन टेकन रिपोर्ट देने का नोटिस जारी किया।

  • शिकायत में उम्र से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी, दबाव और धोखाधड़ी की आशंका, पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग उठी।

Madhya Pradesh / Khargone :

Khargone Case/ खरगोन जिले के महेश्वर क्षेत्र से जुड़े एक संवेदनशील विवाह मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लेते हुए सख्त कदम उठाया है। मोनालिसा नामक युवती और फरमान के केरल में हुए विवाह को लेकर आयोग ने पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है और 7 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, आयोग को 27 मार्च को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि मोनालिसा नाबालिग है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि महाकुंभ मेला 2025 के दौरान युवती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसने अपनी उम्र करीब 16 वर्ष बताई थी। इसके बावजूद उसका विवाह कर दिया गया, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।

शिकायत में यह भी आशंका जताई गई है कि विवाह के लिए उम्र से संबंधित दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया गया हो सकता है। साथ ही यह भी संभावना व्यक्त की गई है कि युवती पर दबाव डाला गया हो या उसकी पहचान छिपाकर विवाह कराया गया हो।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इन तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए माना है कि यह मामला प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा हो सकता है। आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने विस्तृत जांच के निर्देश जारी किए हैं और संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि जांच में युवती नाबालिग पाई जाती है, तो आरोपी पक्ष के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए। इसके साथ ही पीड़िता की सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मामले की जांच में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए काम करें और अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करें। साथ ही रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से भी आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए खरगोन के पुलिस अधीक्षक डॉ. रविंद्र वर्मा ने बताया कि उन्हें आयोग का नोटिस प्राप्त हो चुका है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि बाल अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़ा हुआ है, जिस पर अब सभी की नजर बनी हुई है।