चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के लिए SIR अभियान शुरू किया

Fri 20-Feb-2026,11:58 AM IST +05:30

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चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के लिए SIR अभियान शुरू किया Election-Commission-Special-Intensive-Revision
  • चुनाव आयोग ने मतदाता सूची अद्यतन करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू किया, जिसमें 22 राज्यों को निर्देश जारी किए गए।

  • एसआईआर के तहत घर-घर सत्यापन, नए मतदाताओं का पंजीकरण और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया होगी।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ Election Commission of India ने देशभर में मतदाता सूचियों को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) अभियान शुरू करने की घोषणा की है। आयोग ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक तैयारियां शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली और कर्नाटक सहित शेष राज्यों में यह प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होने की संभावना है। इस अभियान का उद्देश्य हर पात्र नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना और त्रुटियों को दूर करना है।

एसआईआर अभियान के तहत मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन किया जाएगा। समय के साथ निवास परिवर्तन, नए मतदाताओं का पंजीकरण और मृत व्यक्तियों के नाम हटाने जैसी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित रूप से लागू किया जाएगा। आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी योग्य नागरिक सूची से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो।

अभियान का पहला चरण बिहार में संपन्न किया गया, जहां बड़ी संख्या में मतदाताओं का सत्यापन हुआ। दूसरे चरण में कई राज्यों में यह प्रक्रिया जारी है, जबकि तीसरे चरण में शेष राज्यों में व्यापक स्तर पर घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की जाएगी।

इस प्रक्रिया में ब्लॉक लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की महत्वपूर्ण भूमिका है। ये अधिकारी मतदाताओं से संपर्क कर आवश्यक फॉर्म भरवाते हैं और दस्तावेजों की जांच करते हैं। दोहरी प्रविष्टि पाए जाने पर नाम हटाने की कार्रवाई की जाती है। नए मतदाता निर्धारित फॉर्म और पहचान दस्तावेजों के साथ अपना नाम जुड़वा सकते हैं।

मान्य दस्तावेजों में सरकारी पहचान पत्र, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र और आधार कार्ड शामिल हैं। आयोग का मानना है कि जनसंख्या में हुए व्यापक बदलाव को देखते हुए मतदाता सूची का नियमित और गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए आवश्यक है।