बैसाखी और खालसा दिवस पर गुरुद्वारा में भव्य आयोजन, अखंड पाठ और अमृत संचार कार्यक्रम
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बैसाखी और खालसा दिवस पर गुरुद्वारा में अखंड पाठ, कीर्तन दरबार और अमृत संचार जैसे धार्मिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
गुरुद्वारा प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचने की अपील की, दूर-दराज से बड़ी संख्या में संगत के शामिल होने की संभावना है।
Dabra/ बैसाखी पर्व और खालसा दिवस के अवसर पर शहर में धार्मिक उत्साह चरम पर है। Gurudwara Shri Guru Nanak Dev Ji में भव्य धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारी पूरी कर ली गई है। गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा आयोजित इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में संगत के पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम के तहत अखंड पाठ, कीर्तन दरबार और अमृत संचार जैसे पवित्र अनुष्ठान किए जाएंगे।
गुरुद्वारा प्रबंधन के अनुसार, 12 अप्रैल को सुबह 9 बजे से श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ किया गया है, जिसका समापन 14 अप्रैल को सुबह 10 बजे भोग के साथ होगा। इसके बाद सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक भव्य कीर्तन दरबार आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजूरी रागी जत्था द्वारा गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा।
इस धार्मिक आयोजन में विशेष आकर्षण के रूप में दिल्ली के Gurudwara Sis Ganj Sahib से पधारे हेड ग्रंथी एवं कथावाचक Giani Angrej Singh संगत को संबोधित करेंगे। वे गुरु साहिब की शिक्षाओं और सिख धर्म की महिमा का विस्तार से वर्णन करेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही 14 अप्रैल को अमृत संचार का आयोजन भी किया जाएगा। गुरुद्वारा प्रबंधन ने संगत से अपील की है कि जो श्रद्धालु अमृत की दात प्राप्त करना चाहते हैं, वे सुबह 7 बजे गुरुद्वारा पहुंचें। पंज ककार की व्यवस्था गुरुद्वारा की ओर से ही की जाएगी।
पूरे आयोजन के दौरान गुरु का अटूट लंगर भी चलता रहेगा, जिसमें सभी श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। लंगर व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सभी श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। बैसाखी और खालसा दिवस के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और पूरे शहर में धार्मिक माहौल बना हुआ है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, सेवा और भाईचारे का संदेश भी देता है।