DRDO का TARA हथियार सफल परीक्षण, बढ़ी भारत की स्ट्राइक क्षमता

Fri 08-May-2026,01:48 PM IST +05:30

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DRDO का TARA हथियार सफल परीक्षण, बढ़ी भारत की स्ट्राइक क्षमता DRDO-Tara-Glide-Weapon-Successful-Test-India
  • डीआरडीओ और भारतीय वायु सेना ने ओडिशा तट पर टीएआरए स्वदेशी ग्लाइड हथियार प्रणाली का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया।

  • टीएआरए तकनीक सामान्य अनिर्देशित वारहेड को सटीक निर्देशित हथियार में बदलकर कम लागत में मारक क्षमता और रेंज बढ़ाती है।

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भर सैन्य क्षमता के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

Odisha / Bhubaneshwar :

Odisha/ Defence Research and Development Organisation और Indian Air Force ने देश की सामरिक क्षमता को मजबूत करते हुए टीएआरए (Tactical Advanced Range Augmentation) हथियार प्रणाली का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया है। यह परीक्षण 7 मई 2026 को ओडिशा के तट पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। रक्षा क्षेत्र में इसे भारत की एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि माना जा रहा है।

टीएआरए भारत की पहली स्वदेशी मॉड्यूलर ग्लाइड हथियार प्रणाली है, जिसे अनिर्देशित वारहेड को सटीक निर्देशित हथियार में बदलने के लिए विकसित किया गया है। इस तकनीक की मदद से कम लागत वाले पारंपरिक हथियारों की मारक क्षमता, रेंज और लक्ष्यभेदन सटीकता को काफी बढ़ाया जा सकता है। आधुनिक युद्ध में सटीक हमले की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए यह प्रणाली भारतीय सशस्त्र बलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इस परियोजना को हैदराबाद स्थित Research Centre Imarat ने विकसित किया है। डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योगों के सहयोग से तैयार इस प्रणाली में अत्याधुनिक लेकिन कम लागत वाली तकनीकों का उपयोग किया गया है। टीएआरए किट का निर्माण विकास सह उत्पादन साझेदारों और घरेलू रक्षा उद्योगों के साथ मिलकर किया गया है, जिससे भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, टीएआरए जैसी ग्लाइड हथियार प्रणाली दुश्मन के ज़मीनी लक्ष्यों पर अधिक दूरी से सटीक हमला करने में सक्षम होगी। यह तकनीक पारंपरिक हथियारों को आधुनिक स्मार्ट हथियारों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके सफल परीक्षण के बाद उत्पादन कार्य भी शुरू कर दिया गया है, जिससे भविष्य में भारतीय वायु सेना को बड़े पैमाने पर यह क्षमता मिल सकेगी।

रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इस सफलता पर डीआरडीओ, आईएएफ, विकास साझेदारों और उद्योग जगत को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई देने वाली है। वहीं डीआरडीओ प्रमुख Samir V. Kamat ने भी वैज्ञानिकों और तकनीकी टीमों की सराहना की। टीएआरए का सफल परीक्षण भारत के रक्षा आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।