मुंगेली में फॉरेस्ट गार्डों पर हमला, अवैध खनन जांच के दौरान बवाल
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मुंगेली के लोरमी वन क्षेत्र में अवैध खनन जांच के दौरान ग्रामीणों ने फॉरेस्ट गार्डों पर हमला किया, चार कर्मचारी गंभीर रूप से घायल।
घायल कर्मचारियों को लोरमी अस्पताल से बिलासपुर रेफर किया गया, घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी।
Mungeli/ छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी वन परिक्षेत्र स्थित झिरिया जंगल में वन विभाग के कर्मचारियों पर हुए हमले ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। अवैध खनन की शिकायतों की जांच के लिए पहुंची फॉरेस्ट गार्डों की टीम पर अचानक ग्रामीणों ने हमला कर दिया, जिसमें चार कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम नियमित जांच के तहत झिरिया जंगल क्षेत्र में पहुंची थी। इस दौरान अवैध खनन से जुड़ी गतिविधियों की पड़ताल की जा रही थी। तभी अचानक ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों ने फॉरेस्ट गार्डों पर हमला कर दिया।
हमला इतना उग्र था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों को लाठियों और अन्य हथियारों से पीटा गया, जिससे उनके सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। घायल कर्मचारियों को तुरंत लोरमी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बिलासपुर रेफर कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि घायल फॉरेस्ट गार्डों की हाल ही में इस क्षेत्र में नई पोस्टिंग हुई थी। इस कारण वे इलाके की संवेदनशीलता से पूरी तरह परिचित नहीं थे। घटना के बाद वन विभाग और प्रशासन में चिंता का माहौल है।
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि टीम केवल अवैध खनन की जांच के लिए गई थी, तो ग्रामीणों ने अचानक इतना आक्रामक रवैया क्यों अपनाया? क्या पहले से कोई विवाद था या फिर यह किसी गलतफहमी का परिणाम है?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस मामले में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज की गई है या नहीं। प्रशासन की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इस घटना ने वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन से जुड़े मामलों में अक्सर तनाव की स्थिति बनती है, जिसके लिए बेहतर समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता होती है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।