मंगेशकर परिवार का स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम
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अस्पताल के साथ एक म्यूजियम भी बनेगा, जहां मंगेशकर परिवार की संगीत विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित किया जाएगा।
मंगेशकर परिवार पुणे में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाएगा, जो लता मंगेशकर और आशा भोसले की स्मृति में समर्पित होगा।
पुणे/ भारतीय संगीत जगत की दो महान हस्तियों Lata Mangeshkar और Asha Bhosle की स्मृति में मंगेशकर परिवार ने एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा की है। परिवार पुणे में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की योजना पर काम कर रहा है, जो इन दोनों दिग्गज गायिकाओं को समर्पित होगा। इस प्रोजेक्ट को समाज सेवा और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा योगदान माना जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी Hridaynath Mangeshkar ने साझा की। उन्होंने बताया कि अस्पताल को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जहां आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के साथ गरीब और जरूरतमंद लोगों को भी बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक मेडिकल संस्थान नहीं, बल्कि उनकी मां और लता मंगेशकर का वर्षों पुराना सपना है, जिसे अब साकार करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। करीब 25 साल पहले इस विचार की नींव रखी गई थी, लेकिन अब इसे जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पहले इस अस्पताल को केवल लता मंगेशकर के नाम पर बनाने की योजना थी, लेकिन हाल ही में आशा भोसले के निधन के बाद परिवार ने इसे दोनों बहनों को समर्पित करने का फैसला लिया। अब प्रस्तावित नाम “लता-आशा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस” या “लता-आशा मंगेशकर आयुर्विद्या संस्थान” हो सकता है।
अस्पताल के साथ एक विशेष म्यूजियम भी बनाया जाएगा, जहां मंगेशकर परिवार की संगीत विरासत को संरक्षित किया जाएगा। यहां लोगों को इंटरैक्टिव तरीके से संगीत सीखने और समझने का अवसर भी मिलेगा।
इस प्रोजेक्ट का मुहूर्त पहले 16 अप्रैल को प्रस्तावित था, लेकिन हालिया परिस्थितियों के चलते इसमें बदलाव संभव है। परिवार जल्द ही नई तारीख की घोषणा कर सकता है।
इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह अस्पताल लाखों लोगों के लिए बेहतर इलाज और उम्मीद का केंद्र बन सकता है।