भारत में हाइब्रिड एयर मोबिलिटी को बढ़ावा, टीडीबी ने बीई-जेटीओ परियोजना को दी मंजूरी

Mon 13-Apr-2026,01:17 PM IST +05:30

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भारत में हाइब्रिड एयर मोबिलिटी को बढ़ावा, टीडीबी ने बीई-जेटीओ परियोजना को दी मंजूरी India-Hybrid-Air-Mobility-Bejeto-Project
  • टीडीबी ने बीई-जेटीओ परियोजना को मंजूरी दी, जिससे भारत में हाइब्रिड प्रणोदन आधारित उन्नत एरियल मोबिलिटी सिस्टम के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

  • उत्तर भारत में अत्याधुनिक परीक्षण सुविधा स्थापित होगी, जो स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को नई विमानन तकनीकों के परीक्षण में सहायता देगी।

Delhi / Delhi :

New Delhi/ भारत में उन्नत विमानन प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत कार्यरत Technology Development Board (टीडीबी) ने “बूस्ट इलेक्ट्रिक जंप टेक-ऑफ (बीई-जेटीओ)” परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत गुरुग्राम स्थित KC Aviation Private Limited को सहयोग दिया जाएगा, जिससे देश में हाइब्रिड प्रणोदन आधारित उन्नत एरियल मोबिलिटी सिस्टम विकसित किए जा सकें।

यह परियोजना भारत-यूके सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू की गई है, जिसमें यूके की कंपनी ARC Aerosystems Limited भी भागीदार है। टीडीबी ने इस संयुक्त पहल के लिए सशर्त अनुदान को मंजूरी दी है, जिससे दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी।

बीई-जेटीओ परियोजना का मुख्य उद्देश्य हाइब्रिड प्रणोदन तकनीक पर आधारित जंप टेक-ऑफ प्रणाली विकसित करना है। यह तकनीक मानव रहित हवाई प्रणालियों (UAV) और हल्के विमानों को कम दूरी या लगभग ऊर्ध्वाधर (वर्टिकल) टेक-ऑफ की क्षमता प्रदान करेगी। इससे विशेष रूप से दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में विमानन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

परियोजना के तहत रोटरक्राफ्ट प्रणोदन प्रणालियों के परीक्षण और सत्यापन के लिए एक अत्याधुनिक टेस्ट बेंच सुविधा स्थापित की जाएगी। यह सुविधा उत्तर भारत में अपनी तरह की पहली होगी, जो स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और डेवलपर्स को नई पीढ़ी की एरियल मोबिलिटी तकनीकों के परीक्षण और अनुकूलन का अवसर प्रदान करेगी।

इस तकनीक के उपयोग से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, आपदा प्रबंधन, चिकित्सा निकासी, मानव रहित लॉजिस्टिक्स और निगरानी अभियानों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, यह परियोजना भारत में स्वदेशी विमानन तकनीक के विकास और व्यावसायीकरण को भी बढ़ावा देगी।

इस अवसर पर टीडीबी के सचिव Rajesh Kumar Pathak ने कहा कि इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय सहयोगात्मक परियोजनाएं रणनीतिक क्षेत्रों में तकनीकी नवाचार को गति देती हैं। उन्होंने हाइब्रिड प्रणोदन और उन्नत टेक-ऑफ प्रणालियों को भारत के विमानन भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।

केसी एविएशन के प्रवर्तकों ने इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनकी तकनीक को वास्तविक परिस्थितियों में परखने और व्यावसायिक स्तर पर विकसित करने में मदद मिलेगी।

यह परियोजना न केवल भारत की एयरोस्पेस क्षमताओं को सुदृढ़ करेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा में भी देश को आगे बढ़ाने में सहायक साबित होगी।