India AI Impact Summit 2026: भारत-स्वीडन ने एआई सहयोग और निवेश बढ़ाने के लिए किया समझौता
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India AI Impact Summit 2026
एआई और डिजिटल तकनीकों में भारत-स्वीडन सहयोग.
SITAC कॉरिडोर के विकास की घोषणा.
नवाचार, निवेश और स्टार्टअप साझेदारी पर जोर.
Delhi / इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत और स्वीडन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने की पहल की। इंडियाएआई मिशन और बिजनेस स्वीडन के बीच एक आशय पत्र (Statement of Intent) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच एआई से जुड़े व्यापार, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देना है।
यह समझौता केवल तकनीकी सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे औद्योगिक और सामाजिक प्रभावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। दोनों देशों ने इस साझेदारी के जरिए एआई समाधानों के विकास, उपयोग और अपनाने के लिए एक संरचित ढांचा तैयार करने पर सहमति जताई है। इसमें सतत विकास, आर्थिक प्रगति और जिम्मेदार एआई उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है।
इंडियाएआई मिशन की मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) सुश्री कविता भाटिया ने कहा कि भारत और स्वीडन केवल एआई के साझेदार नहीं, बल्कि मूल्य-आधारित और भरोसेमंद एआई भविष्य के सह-निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि यह सहयोग साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और पूरक क्षमताओं पर आधारित है, जो दोनों देशों को वैश्विक तकनीकी परिवर्तन के अगले चरण को आकार देने में सक्षम बनाएगा।
भारत में स्वीडन की व्यापार और निवेश आयुक्त श्रीमती सोफिया होगमैन ने भी इस समझौते को महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह आशय पत्र रणनीतिक दृष्टिकोण को ठोस परिणामों में बदलने की दिशा में अहम है। इसके माध्यम से दोनों देशों के एआई इको-सिस्टम को जोड़ा जाएगा और नए व्यावसायिक अवसर पैदा किए जाएंगे।
इस सहयोग के तहत “स्वीडन-भारत टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉरिडोर” (SITAC) नामक एक विशेष कार्यक्रम विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर सरकारी एजेंसियों, उद्योग, स्टार्टअप और शैक्षणिक संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाने का मंच बनेगा।
SITAC के अंतर्गत कई पहलें की जाएंगी, जिनमें सम्मेलनों और कार्यशालाओं का आयोजन, नवाचार केंद्रों का दौरा, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के बीच संवाद तथा संयुक्त नवाचार मंचों की पहचान शामिल है। इसका उद्देश्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में एआई समाधानों को तेजी से लागू करना और द्विपक्षीय निवेश को प्रोत्साहित करना है।
यह साझेदारी भारत एआई मिशन के लक्ष्यों को स्वीडन की उन्नत अनुसंधान एवं विकास क्षमताओं के साथ जोड़ती है। कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा और प्रतिभा तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित कर एक व्यापक राष्ट्रीय एआई इको-सिस्टम बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उम्मीद है कि इस सहयोग से दोनों देशों के स्टार्टअप, उद्यम और अनुसंधान संस्थान मिलकर ऐसे एआई समाधान विकसित करेंगे, जो व्यापक, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हों। कुल मिलाकर, यह समझौता भारत और स्वीडन के तकनीकी रिश्तों को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ एआई आधारित भविष्य की नींव मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।