पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर दुनिया चिंतित: चीन, रूस, ईरान और यूएन ने की शांति की अपील
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International News
सीमा पर झड़पों से बढ़ा क्षेत्रीय तनाव.
चीन, रूस और ईरान ने की मध्यस्थता की पेशकश.
यूएन ने नागरिकों की सुरक्षा पर दिया जोर.
Pakistan / पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तेज होते सैन्य संघर्ष ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। सीमा पर हुई ताजा झड़पों और फायरिंग की घटनाओं ने हालात को संवेदनशील बना दिया है। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से न सिर्फ दक्षिण एशिया, बल्कि मध्य एशिया और पश्चिम एशिया के देशों की भी फिक्र बढ़ गई है। आम नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार प्रतिक्रिया दे रहा है।
चीन ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है। बीजिंग ने स्पष्ट किया है कि वह इस विवाद में रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह तनाव कम करने और आपसी संबंध सुधारने के लिए मध्यस्थता करने को तैयार है। चीन ने दोनों देशों से अपील की है कि वे बातचीत के जरिए अपने मतभेद सुलझाएं और स्थिति को और बिगड़ने से रोकें। एक पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार होने के नाते चीन ने इस संघर्ष को चिंताजनक बताया है।
रूस ने भी बॉर्डर पार हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश डिप्लोमैटिक चैनलों को सक्रिय करें और सैन्य कार्रवाई से बचें। मॉस्को ने यह भी संकेत दिया है कि यदि दोनों पक्ष चाहें तो रूस मध्यस्थता पर विचार कर सकता है।
ईरान की ओर से भी शांति की पहल का संकेत मिला है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान दोनों देशों के बीच संवाद को आसान बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने बढ़ते संघर्ष पर चिंता जताते हुए कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
संयुक्त राष्ट्र ने भी हालात पर करीबी नजर रखने की बात कही है। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
तुर्की के विदेश मंत्री हकन फिदान ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार से फोन पर बातचीत कर तनाव कम करने की अपील की है। वहीं मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी दोनों देशों से संयम बरतने और तुरंत सैन्य अभियान रोकने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्थायी समाधान सिर्फ बातचीत की मेज पर ही संभव है।
कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कोशिश है कि यह संघर्ष और न बढ़े और बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण रास्ता निकले। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों देश कूटनीतिक पहल को कितनी गंभीरता से लेते हैं।