प्रधानमंत्री संग्रहालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती समारोह
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प्रधानमंत्री संग्रहालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती पर विशेष प्रदर्शनी और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित।
दुर्लभ चित्रों, दस्तावेजों और आज़ाद हिंद फौज से जुड़ी सामग्री ने दर्शकों को नेताजी के संघर्ष से परिचित कराया।
युवाओं और छात्रों की सक्रिय भागीदारी, नेताजी के विचारों और राष्ट्रभक्ति संदेश को आगे बढ़ाने पर जोर।
Delhi / नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय में आज महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संग्रहालय परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम का उद्देश्य नेताजी के विचारों, उनके संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके अद्वितीय योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाना रहा।
समारोह की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें उनके जीवन से जुड़े दुर्लभ चित्र, ऐतिहासिक दस्तावेज, भाषणों के अंश और आज़ाद हिंद फौज से संबंधित सामग्री प्रदर्शित की गई। प्रदर्शनी ने दर्शकों को नेताजी के साहस, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति की भावना से रूबरू कराया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नेताजी केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं थे, बल्कि वे ऐसे विचारक थे जिन्होंने भारत को आत्मसम्मान और स्वाधीनता का रास्ता दिखाया। “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” जैसे उनके नारे आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि नेताजी का जीवन त्याग, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की मिसाल है।
प्रधानमंत्री संग्रहालय के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों को समर्पित स्मृतियों को जीवंत बनाए रखना है। छात्रों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों की भागीदारी से कार्यक्रम और अधिक प्रभावशाली बना। विशेष रूप से युवाओं ने नेताजी के विचारों में गहरी रुचि दिखाई।
समारोह के अंत में देशभक्ति गीतों और प्रेरणादायक संदेशों के साथ नेताजी को नमन किया गया। संग्रहालय प्रशासन ने कहा कि आने वाले समय में भी स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े महान व्यक्तित्वों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि देश की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित और प्रचारित किया जा सके।