भारत पर्व 2025 में झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों ने लाल किले पर बिखेरा स्वाद का रंग
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लाल किले में आयोजित भारत पर्व में आईएचएम रांची का स्टॉल झारखंड के पारंपरिक और मोटे अनाज आधारित व्यंजनों को प्रस्तुत कर रहा है।
यह स्टॉल पोषण, टिकाऊ खानपान और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
Delhi/ दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित 25वें भारत पर्व में इस बार झारखंड की पारंपरिक पाक संस्कृति आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। झारखंड पर्यटन के तत्वावधान में इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम), रांची द्वारा लगाए गए विशेष स्टॉल पर आगंतुकों को राज्य के सदियों पुराने, प्रामाणिक और पोषण से भरपूर व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिल रहा है। यह स्टॉल झारखंड की आदिवासी परंपराओं, ग्रामीण जीवनशैली और मोटे अनाज आधारित खानपान की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
Full News
25वें भारत पर्व के अवसर पर लाल किले में स्थापित आईएचएम रांची का झारखंड फूड स्टॉल पारंपरिक स्वादों और सांस्कृतिक पहचान का अद्भुत संगम पेश कर रहा है। इस स्टॉल को विशेष रूप से सादगी और प्रामाणिकता को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है, जहां देहाती ब्लैकबोर्ड शैली में मेनू प्रदर्शित किया गया है। यह प्रस्तुति झारखंड की भोजन संस्कृति की जड़ों और उसकी आत्मा को दर्शाती है।
स्टॉल की खाद्य सूची झारखंड के रोज़मर्रा और उत्सवों से जुड़े व्यंजनों की विविधता को सामने लाती है। प्रमुख आकर्षणों में आलू-चना की सब्जी के साथ परोसा जाने वाला धुस्का शामिल है, जो दाल और चावल से बनी कुरकुरी खमीर वाली रोटी है और पूरे राज्य में लोकप्रिय है। इसके साथ ही चावल के आटे और गुड़ से बनी पारंपरिक मिठाई अर्शा पीठा झारखंड की प्राचीन उत्सव परंपराओं की झलक देती है। डंबू जैसे कम प्रसिद्ध स्थानीय स्नैक्स आगंतुकों को राज्य की अनूठी पाक पहचान से परिचित कराते हैं।
आईएचएम रांची के इस स्टॉल की सबसे बड़ी विशेषता मोटे अनाजों पर आधारित व्यंजन हैं, जो पोषण, टिकाऊ खेती और जलवायु-अनुकूल आहार को बढ़ावा देने की राष्ट्रीय सोच से मेल खाते हैं। रागी सेव और रागी समोसा जैसे व्यंजन पारंपरिक स्वाद को आधुनिक अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। सब्जी के साथ चावल छिलका और मडुआ छिलका जैसे भोजन विकल्प संतुलित और पौष्टिक आहार की मिसाल हैं।
पेय पदार्थों में चावल की चाय आगंतुकों को एक हल्का और पारंपरिक अनुभव प्रदान करती है। इसके अलावा मडुआ कुकीज़, मडुआ लड्डू और मडुआ रागी रैप जैसे उत्पाद पारंपरिक स्वादों को आधुनिक पैकेजिंग और प्रस्तुति के साथ पेश करते हैं, जो उपहार और टेक-अवे के लिए भी उपयुक्त हैं।
भारत पर्व में आईएचएम रांची का यह स्टॉल केवल भोजन नहीं, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत, पोषण जागरूकता और स्थानीय कृषि परंपराओं का उत्सव बनकर उभरा है।