अमेरिका-इजरायल-ईरान जंग का 14वां दिन, हमले तेज और तनाव बढ़ा
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अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध 14वें दिन और तेज हुआ, तेहरान, करज और इजरायल के कई शहरों में हमलों और विस्फोटों की खबरें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बातचीत कर मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई।
नई दिल्ली/मिडिल ईस्ट/ अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का गुरुवार को 14वां दिन रहा और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। तीनों पक्षों की ओर से सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं, जबकि क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने पद संभालने के बाद अपना पहला सार्वजनिक बयान जारी करते हुए अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है।
मोजतबा खामेनेई ने कहा कि अमेरिका को मध्य-पूर्व में मौजूद अपने सैन्य अड्डों को बंद कर देना चाहिए, अन्यथा उन पर हमले जारी रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति तनाव को और बढ़ा रही है। इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।
इस बीच भारत ने भी स्थिति पर चिंता जताई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने मध्य-पूर्व की मौजूदा स्थिति, बढ़ते तनाव, नागरिकों की मौत और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर चर्चा की। पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार तेहरान के पश्चिमी हिस्से में स्थित करज शहर में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक विस्फोटों के दौरान आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाज भी सुनी गई। इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि अमेरिका और इजरायल ने तेहरान-कोम हाईवे पर स्थित रेड क्रिसेंट स्टेशन पर एयरस्ट्राइक की है।
ईरानी मीडिया Press TV के मुताबिक इस हमले में राहत कार्य में लगे तीन कर्मचारी घायल हो गए। रेड क्रिसेंट के एक आपातकालीन कर्मचारी ने भी पुष्टि की कि हमला सीधे उनके स्टेशन को निशाना बनाकर किया गया, जिससे भवन और उपकरणों को काफी नुकसान पहुंचा।
दूसरी ओर इजरायल ने भी ईरान पर मिसाइल हमले का आरोप लगाया है। इजरायली सेना Israel Defense Forces के अनुसार ईरान की ओर से इजरायल की सीमा के भीतर कई मिसाइलें दागी गईं। इजरायल की आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा Magen David Adom ने बताया कि उत्तरी अरब शहर जर्जीर में मिसाइल हमले के बाद 57 लोग कांच के टुकड़ों की चपेट में आकर घायल हो गए। इनमें से एक महिला गंभीर रूप से घायल बताई जा रही है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हमले के कारण कई घरों और वाहनों को भी भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी ईरान के खिलाफ कड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ईरान के “आतंकवादी शासन” को सैन्य और आर्थिक रूप से पूरी तरह कमजोर कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास पर्याप्त सैन्य क्षमता, गोला-बारूद और समय है, जिससे ईरान की सैन्य शक्ति को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
ट्रंप ने मीडिया संस्थानों की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघर्ष की वास्तविक स्थिति को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचा है और उसकी सैन्य क्षमताओं को कमजोर किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष जल्द नहीं थमता है तो इसका प्रभाव पूरे मध्य-पूर्व के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने की अपील की है।