चैतन्य बघेल की रिहाई-ED कार्रवाई पर फिर सियासी घमासान
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भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल ने गांधी और सुभाष बोस को नमन कर दिया राजनीतिक संदेश।
शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने 18 जुलाई को की थी गिरफ्तारी, अब कानूनी लड़ाई जारी।
RAIPUR/ चैतन्य बघेल की जेल से रिहाई के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जैसे ही वे जेल परिसर से बाहर आए, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर मौजूद रहे और नारेबाजी करते हुए उनका स्वागत किया। इस दौरान कांग्रेस खेमे ने इसे “सत्य की जीत” बताते हुए एकजुटता का प्रदर्शन किया।
रिहाई के तुरंत बाद चैतन्य बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन किया। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दृश्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए भावनात्मक क्षण बन गया। इसके बाद एक प्रतीकात्मक तस्वीर भी सामने आई, जब भूपेश बघेल स्वयं गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर बैठे और चैतन्य बघेल उनके साथ वाहन में सवार दिखे।
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई को चैतन्य बघेल को कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। एजेंसी का दावा था कि इस बहुचर्चित घोटाले में उनकी भूमिका रही है। गिरफ्तारी के बाद वे न्यायिक हिरासत में थे और इस दौरान लगातार कानूनी राहत के प्रयास किए जा रहे थे।
इससे पहले भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर ED और CBI की जांच प्रक्रिया को चुनौती दी थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने सुनवाई से इनकार करते हुए उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि पीएमएलए कानून या एजेंसियों की वैधता पर सवाल उठाने हैं, तो अलग याचिका दायर करनी होगी।
चैतन्य बघेल की रिहाई को कांग्रेस नेता राजनीतिक बदले की कार्रवाई के खिलाफ बड़ी राहत बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले का राजनीतिक असर और गहराने की संभावना है।