अमांपुर में दिल दहला देने वाली घटना: एक ही परिवार के 5 शव मिले, पिता पर हत्या के बाद आत्महत्या का शक

Sun 22-Feb-2026,04:35 PM IST +05:30

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अमांपुर में दिल दहला देने वाली घटना: एक ही परिवार के 5 शव मिले, पिता पर हत्या के बाद आत्महत्या का शक Kasganj Amapur Case
  • अमांपुर में परिवार के 5 शव बरामद.

  • पिता पर हत्या के बाद आत्महत्या का शक.

  • पोस्टमार्टम व फोरेंसिक जांच जारी.

Uttar Pradesh / Kasganj :

Amapur / कासगंज के अमांपुर कस्बे में बीते कुछ दिनों से एक घर के बाहर अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ था। दरवाजा बंद था, न कोई अंदर जाता दिखा, न कोई बाहर आता। पड़ोसियों को शुरुआत में लगा कि परिवार कहीं बाहर गया होगा। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, यह खामोशी असहज करने लगी। करीब 72 घंटे बाद जब उस बंद घर का दरवाजा खुला, तो जो दृश्य सामने आया, उसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया।

एक ही परिवार के पांच लोगों के शव घर के अंदर मिले।

सामान्य दिखती जिंदगी के पीछे का तूफान
अमांपुर के एटा रोड पर किराए के मकान में रहने वाला सत्यवीर सिंह कस्बे में वेल्डिंग का काम करता था। मेहनती, शांत स्वभाव का और आम जिंदगी जीने वाला व्यक्ति। उसके परिवार में पत्नी शीला और तीन छोटे बच्चे थे—दो बेटियां और एक बेटा। पड़ोसियों के अनुसार, परिवार सामान्य था। बच्चे पढ़ाई में ठीक थे और घर में कभी किसी बड़े विवाद की चर्चा नहीं सुनी गई।

लेकिन 2-3 दिन तक जब सत्यवीर की दुकान नहीं खुली और घर का दरवाजा बंद रहा, तो लोगों को शक हुआ। शनिवार को एक ग्राहक जब दुकान बंद पाकर घर पहुंचा, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं आया।

दरवाजा टूटा और सब कुछ बदल गया
पड़ोसियों ने पीछे की ओर से झांकने की कोशिश की। जाली वाले दरवाजे पर कपड़ा बंधा था। जैसे ही उसे हटाया गया, अंदर का दृश्य देख सभी सन्न रह गए। कमरे के अंदर सत्यवीर सिंह का शव फंदे से लटका हुआ था। बिस्तर पर उसकी पत्नी और तीनों बच्चों के शव पड़े थे।

तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने दरवाजा तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। शुरुआती जांच में पाया गया कि दोनों दरवाजे अंदर से बंद थे और जबरन घुसने के कोई निशान नहीं थे। इससे आशंका गहराई कि घटना घर के अंदर ही घटी है।

पुलिस की शुरुआती जांच
प्रथम दृष्टया पुलिस का अनुमान है कि पहले बच्चों को किसी जहरीले पदार्थ के जरिए मार दिया गया, फिर पत्नी की हत्या की गई और अंत में सत्यवीर ने खुद फांसी लगा ली। हालांकि पुलिस ने अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

फोरेंसिक टीम ने मौके से कई साक्ष्य जुटाए हैं। मोबाइल कॉल डिटेल्स, आर्थिक लेन-देन और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

एसपी अंकिता शर्मा का बयान
एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि शाम करीब 6:30 बजे सूचना मिली कि सत्यवीर और उसका परिवार 2-3 दिन से बाहर नहीं निकला है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पीछे जाली के दरवाजे से अंदर देखा गया तो सत्यवीर का शव फंदे से लटका मिला और बाकी चार शव बिस्तर पर थे।

उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक त्रासदी का लग रहा है, लेकिन सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है।

इलाके में मातम और सवाल
घटना के बाद पूरे अमांपुर में शोक और सन्नाटा छा गया है। लोग अब भी यकीन नहीं कर पा रहे कि जो परिवार कल तक हंसता-बोलता दिखता था, वह अचानक इस तरह खत्म हो गया।

सबसे बड़ा सवाल यही है—अगर कोई परेशानी थी, तो क्या उसका कोई और रास्ता नहीं था? क्या आर्थिक तंगी, कर्ज या मानसिक दबाव इस त्रासदी की वजह बने?

पड़ोसियों का कहना है कि परिवार में कभी खुलकर कोई तनाव नजर नहीं आया। यही वजह है कि यह घटना और भी ज्यादा चौंकाने वाली है।

अनदेखे दबावों की कहानी
ऐसी घटनाएं अक्सर उन दबावों से जुड़ी होती हैं, जो बाहर से दिखाई नहीं देते—आर्थिक बोझ, सामाजिक अपेक्षाएं, पारिवारिक जिम्मेदारियां या मानसिक अवसाद। कई बार लोग अपनी परेशानियां साझा नहीं कर पाते और भीतर ही भीतर टूटते रहते हैं।

यह घटना सिर्फ एक परिवार की मौत की कहानी नहीं है, बल्कि उन अनकहे दर्दों की भी याद दिलाती है, जिन्हें समाज अक्सर नजरअंदाज कर देता है।

फिलहाल सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी है। सच जो भी हो, अमांपुर की यह खामोशी लंबे समय तक लोगों के मन में सवाल बनकर गूंजती रहेगी।