संवाद 2026: आईसीएमआर का राष्ट्रीय शोध सम्मेलन संपन्न
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ICMR Samvad 2026
आईसीएमआर-एनआईएमआर में संवाद 2026 का आयोजन.
400 से अधिक शोधार्थियों और विशेषज्ञों की सहभागिता.
स्वास्थ्य अनुसंधान, नवाचार और करियर मार्गदर्शन पर जोर.
Delhi / स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) के अंतर्गत भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने 19 से 21 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली स्थित आईसीएमआर-राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान (एनआईएमआर) में ‘संवाद 2026’ का आयोजन किया। यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आईसीएमआर की वार्षिक पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देशभर के डॉक्टरेट शोधार्थियों के साथ सतत संवाद और सहयोग को मजबूत करना है।
‘संवाद’ एक ऐसा मंच है जो हर वर्ष आईसीएमआर के अलग-अलग संस्थानों द्वारा आयोजित किया जाता है। इसका मकसद पीएचडी शोधार्थियों को न केवल अकादमिक उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करना है, बल्कि उन्हें नवाचार, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में भी आगे बढ़ाना है। संवाद 2026 में देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 400 शोधार्थी, वरिष्ठ वैज्ञानिक, शिक्षाविद, नीति निर्माता और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हुए।
कार्यक्रम में पद्मश्री प्रोफेसर अनिल कुमार गुप्ता ने जमीनी स्तर के नवाचार और सामाजिक जरूरतों से जुड़े अनुसंधान पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने शोध को समाज की वास्तविक समस्याओं से जोड़ें। इसी कड़ी में डॉ. विश्वजीत कुमार ने अनुसंधान को सामुदायिक प्रभाव में बदलने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
नैदानिक अनुसंधान पर आयोजित सत्र में पद्मश्री प्रोफेसर कामेश्वर प्रसाद ने प्रयोगशाला और रोगी के बीच बेहतर समन्वय को स्वास्थ्य परिणामों की कुंजी बताया। वहीं ‘स्वास्थ्य संचार – प्रभाव के लिए विज्ञान’ विषय पर हुई चर्चा में इस बात पर बल दिया गया कि शोध केवल प्रकाशन तक सीमित न रहे, बल्कि नीति निर्माण और सामाजिक परिवर्तन में भी योगदान दे।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के साथ टाउन हॉल सत्र रहा। उन्होंने शोधार्थियों को ‘औपचारिक अनुसंधान’ से आगे बढ़कर गंभीर और प्रभावशाली शोध करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि पीएचडी केवल न्यूनतम आवश्यकताओं तक सीमित न रहे, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्रों के माध्यम से ज्ञान-विस्तार का माध्यम बने।
संवाद 2026 में उद्योग और अकादमिक जगत के विशेषज्ञों ने भी वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान, फार्मास्युटिकल नवाचार और अंतःविषय सहयोग जैसे विषयों पर विचार साझा किए। “पीएचडी के बाद क्या?” जैसे सत्रों ने शोधार्थियों को करियर के विविध विकल्पों से अवगत कराया।
कार्यक्रम के दौरान ‘Mindstorm@ICMR’ रिसर्च क्विज 2026, पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियों ने सम्मेलन को जीवंत और संवादात्मक बना दिया। इन गतिविधियों ने शोध की विविधता और गहराई को सामने लाने के साथ-साथ सहयोग और सहकर्मी शिक्षण को भी बढ़ावा दिया।
समापन अवसर पर आईसीएमआर-एनआईएमआर के निदेशक डॉ. अनुप अन्विकर ने कहा कि संवाद 2026 शोधार्थियों के लिए एक दूरदर्शी मंच साबित हुआ है। यह पहल न केवल शोध नेटवर्किंग को मजबूत करती है, बल्कि भविष्य के वैज्ञानिक नेतृत्व को भी आकार देती है।
सम्मेलन का समापन पुरस्कार वितरण और विदाई सत्र के साथ हुआ, जहां उत्कृष्ट प्रस्तुतियों और शोध योगदानों को सम्मानित किया गया। संवाद 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत का युवा शोध समुदाय नई सोच, प्रतिबद्धता और नवाचार के साथ राष्ट्रीय ज्ञान तंत्र को सशक्त बनाने के लिए तैयार है।