27 साल बाद ईसीआई-एसईसी राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आज

Sun 22-Feb-2026,08:27 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

27 साल बाद ईसीआई-एसईसी राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आज ECI Roundtable Conference 2026
  • 27 साल बाद ईसीआई-एसईसी राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन.

  • ईवीएम, मतदाता सूची और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मंथन.

  • चुनावी समन्वय और सहकारी संघवाद को बढ़ावा.

Delhi / Delhi :

Delhi / भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) 24 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक अहम राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है। खास बात यह है कि ऐसा सम्मेलन 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हो रहा है। इससे पहले वर्ष 1999 में इस स्तर की बैठक आयोजित की गई थी। ऐसे में यह आयोजन चुनावी व्यवस्थाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार इस सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। उनके साथ निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ भाग लेंगे। इसके अलावा सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) भी इसमें शामिल होंगे।

इस गोलमेज सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोगों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। दोनों संस्थाएं अपने-अपने संवैधानिक और कानूनी दायरे में काम करती हैं, लेकिन चुनावी प्रक्रियाओं की मजबूती के लिए आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। उम्मीद है कि यह बैठक रचनात्मक विचार-विमर्श का मंच बनेगी और सहकारी संघवाद की भावना को और मजबूत करेगी।

दिनभर चलने वाले इस सम्मेलन में निर्वाचन प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर चर्चा होगी। विशेष रूप से तकनीक के उपयोग, ईवीएम की मजबूती और सुरक्षा उपायों, तथा मतदाता सूचियों को साझा करने जैसे मुद्दे एजेंडे में शामिल हैं। आयोग के वरिष्ठ अधिकारी हाल ही में शुरू किए गए ईसीआईएनईटी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुति देंगे। यह प्लेटफॉर्म चुनावी सेवाओं को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और सुरक्षा उपायों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की जाएगी। इसके साथ ही जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के संदर्भ में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाताओं की पात्रता के कानूनी ढांचे पर तुलनात्मक प्रस्तुति दी जाएगी। इससे मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में एकरूपता और स्पष्टता लाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन आयोगों का गठन 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधनों के तहत किया गया है। अनुच्छेद 243के और 243जेडए के अनुसार पंचायतों और नगर निकायों के चुनावों की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोगों पर है। ऐसे में यह सम्मेलन स्थानीय निकाय चुनावों और राष्ट्रीय चुनावी ढांचे के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है।

कुल मिलाकर, 27 साल बाद हो रहा यह राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन चुनावी प्रबंधन को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल संस्थागत सहयोग मजबूत होगा, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जनता का भरोसा भी और सुदृढ़ होने की उम्मीद है।