मुख्यमंत्री मोहन यादव का व्यस्त कार्यक्रम, युवाओं से संवाद और असम दौरे पर रवाना

Wed 07-Jan-2026,11:44 AM IST +05:30

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मुख्यमंत्री मोहन यादव का व्यस्त कार्यक्रम, युवाओं से संवाद और असम दौरे पर रवाना MP CM Mohan Yadav Busy Schedule Assam Visit
  • विकसित भारत यंग लीडरशिप डायलॉग 2026 के तहत युवाओं से संवाद कर मुख्यमंत्री उनके विचार और नेतृत्व क्षमता जानेंगे।

  • असम दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मां कामाख्या मंदिर में दर्शन करेंगे और स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

Madhya Pradesh / Bhopal :

Bhopal/ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बुधवार का दिन व्यस्त राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों से भरा रहने वाला है। मुख्यमंत्री सुबह से लेकर देर शाम तक विभिन्न महत्वपूर्ण आयोजनों में भाग लेंगे, जिनमें युवाओं से सीधा संवाद, भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस और असम दौरा शामिल है।

युवाओं से करेंगे सीधा संवाद

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 10:45 बजे भोपाल स्थित समत्व भवन में युवाओं से संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय युवा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित विकसित भारत यंग लीडरशिप डायलॉग 2026 के प्रथम चरण में चयनित प्रतिभागियों के लिए रखा गया है। संवाद का उद्देश्य युवाओं के विचारों, नेतृत्व क्षमता और विकसित भारत की परिकल्पना को लेकर उनकी सोच को समझना है।
मुख्यमंत्री इससे पहले सुबह 10:40 बजे मंत्रालय पहुंचेंगे और आवश्यक प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करेंगे।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस

दोपहर 1 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे। यहां वे प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, विकास योजनाओं और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर मीडिया को संबोधित करेंगे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शाम से असम दौरे पर रवाना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 5 बजे भोपाल से असम के लिए रवाना होंगे। वे रात 8:35 बजे गुवाहाटी पहुंचेंगे, जहां वे विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम गुवाहाटी में प्रस्तावित है।

मां कामाख्या के दर्शन

असम प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री मां कामाख्या मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे। राजनीतिक और धार्मिक दोनों दृष्टियों से इस दौरे को खास माना जा रहा है। यह यात्रा राज्यों के बीच आपसी समन्वय और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूती देने वाली मानी जा रही है।