विवादित पोस्ट मामले में नेहा सिंह राठौर ने दर्ज कराया बयान, हाईकोर्ट से झटका

Sat 03-Jan-2026,11:10 PM IST +05:30

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विवादित पोस्ट मामले में नेहा सिंह राठौर ने दर्ज कराया बयान, हाईकोर्ट से झटका Neha Singh Rathore Social Media Controversy
  • नेहा सिंह राठौर ने हजरतगंज कोतवाली में बयान दर्ज कराया.

  • सोशल मीडिया विवादित पोस्ट के मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज की.

  • जांच में सहयोग करने का नेहा का फैसला.

Uttar Pradesh / Lucknow :

Lucknow / लोक गायिका नेहा सिंह राठौर और उनके पति हिमांशु शनिवार को लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पहुंचे, जहां नेहा ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट के मामले में अपना बयान दर्ज कराया। मामला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले से जुड़ा है, जिसके बाद नेहा के सोशल मीडिया हैंडल पर की गई टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इस टिप्पणी को कई लोग धार्मिक और देश विरोधी मान रहे थे। मामले में पुलिस और अदालत की ओर से नेहा को कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन बीमारी का हवाला देते हुए वह अब तक पेश नहीं हुई थीं।

नेहा सिंह राठौर ने इस मामले में राहत पाने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन दोनों जगह से उन्हें कोई मदद नहीं मिली। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी और न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होने के आदेश के बावजूद नेहा जांच में सहयोग नहीं कर रही थीं। अदालत ने यह भी माना कि यह मामला संवेदनशील है और आरोपी को अपना बयान दर्ज कराना अनिवार्य है।

सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट के मामले में यह पहला अवसर था जब नेहा स्वयं हजरतगंज कोतवाली पहुंचीं और अपना पख रखते हुए लिखित बयान दर्ज कराया। उनके बयान में इस बात का विवरण शामिल होगा कि उन्होंने किस परिस्थिति में यह टिप्पणी की थी और उसका उद्देश्य क्या था। पुलिस इस बयान के आधार पर आगे की जांच और कार्रवाई तय करेगी। नेहा के इस कदम से यह संकेत मिलता है कि उन्होंने अब मामले में सक्रिय रूप से सहयोग करने का निर्णय लिया है।

इस पूरे घटनाक्रम ने मीडिया और जनता का ध्यान आकर्षित किया है। नेहा सिंह राठौर एक लोकप्रिय लोक गायिका होने के कारण उनके हर कदम पर काफी चर्चा होती है। सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों और आलोचकों के बीच इस मामले को लेकर बहस जारी रही। कुछ लोग नेहा के बयान को व्याख्या और गलतफहमी की दृष्टि से देख रहे हैं, जबकि अन्य इसे गंभीर अपराध मान रहे हैं। इसके चलते मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में पर्यटकों को धर्म पूछकर मारा गया था, और इस घटना के तुरंत बाद नेहा की टिप्पणी ने देश में सुरक्षा, धार्मिक सहिष्णुता और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को फिर से उभारा। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि मामले में जांच में सहयोग करना आरोपी की जिम्मेदारी है और जांच प्रक्रिया में देरी किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है।

नेहा सिंह राठौर ने शनिवार को लिखित बयान दर्ज कराने के बाद कहा कि वह भविष्य में जांच में सहयोग करेंगी और मामले की गंभीरता को समझती हैं। पुलिस ने कहा कि अब जांच प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई आगे की जाएगी। इस घटना ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक टिप्पणी करने के अधिकार और उसके दायित्व पर भी नई बहस खड़ी कर दी है।

मामले की यह जांच न केवल नेहा के बयान तक सीमित है, बल्कि यह सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, धार्मिक भावनाओं और देश के कानून के संतुलन को लेकर महत्वपूर्ण उदाहरण बन गई है। अब सभी की नजरें इस पर हैं कि पुलिस जांच के बाद नेहा सिंह राठौर के खिलाफ आगे क्या कदम उठाती है और अदालत का अंतिम निर्णय क्या होगा।