सचिन पायलट 7 जनवरी को रायपुर दौरे पर
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Sachin-Pilot-Raipur-Visit-Mgnrega-Congress-Strategy
Sachin Pilot Chhattisgarh Visit में मनरेगा आंदोलन की समीक्षा और कांग्रेस की आगामी आंदोलनात्मक रणनीति तय करने पर रहेगा मुख्य फोकस।
Congress Chhattisgarh Organization को सक्रिय और जनआंदोलनों से जोड़ने के लिए सचिन पायलट देंगे स्पष्ट दिशा-निर्देश।
Raipur/ कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट 7 जनवरी को एक दिवसीय दौरे पर राजधानी रायपुर पहुंचेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रदेशभर में मनरेगा को लेकर कांग्रेस समर्थित आंदोलन चल रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आंदोलन की प्रगति की समीक्षा करना और आगे की रणनीति को अंतिम रूप देना है।
रायपुर आगमन के बाद सचिन पायलट पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और नवनियुक्त जिलाध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। हाल ही में संगठन में किए गए बदलावों के बाद यह पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है, जिसमें जिलाध्यक्षों की भूमिका, जिम्मेदारियों और संगठनात्मक अपेक्षाओं पर विस्तार से चर्चा होगी। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जिलाध्यक्ष संगठन की रीढ़ होते हैं और उन्हें जमीनी स्तर पर सक्रिय रखना आवश्यक है।
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे में संगठनात्मक गतिविधियों पर विशेष फोकस रहेगा। सचिन पायलट जिलों में पार्टी की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनआंदोलनों की प्रभावशीलता की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण, संवाद प्रणाली और भविष्य की कार्ययोजना पर भी रूपरेखा तैयार की जा सकती है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में कांग्रेस प्रदेश में आंदोलनात्मक राजनीति को और तेज करने की तैयारी में है।
प्रदेश में मनरेगा से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा आंदोलन कांग्रेस के लिए अहम राजनीतिक अवसर माना जा रहा है। रोजगार, मजदूरी भुगतान और कार्य दिवसों से जुड़े सवालों को लेकर पार्टी लगातार सरकार पर हमलावर है। ऐसे में सचिन पायलट का यह दौरा आंदोलन को नई दिशा और धार देने वाला साबित हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले सचिन पायलट 26 नवंबर को दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर आए थे। उस दौरान उन्होंने SIR अभियान की समीक्षा की थी और संविधान बचाओ दिवस से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया था। रायपुर के बाद वे धमतरी, कांकेर और जगदलपुर पहुंचे थे, जहां संगठनात्मक बैठकों के साथ मीडिया से भी संवाद किया था। पार्टी के भीतर उनके दौरे को संगठन सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम माना गया था।