National Handloo Day: पीएम मोदी ने बुनकरों को किया नमन, आत्मनिर्भर भारत का बताया मजबूत आधार
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National Handloo Day
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बुनकरों और कारीगरों को किया सम्मानित।
हथकरघा क्षेत्र को आत्मनिर्भर भारत, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का आधार बताया।
लोगों से #NationalHandloomDay के साथ हथकरघा उत्पादों के वीडियो साझा करने की अपील।
New Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भारत की समृद्ध और जीवंत हथकरघा परंपरा को देश की सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक शक्ति का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह दिन उन लाखों बुनकरों और कारीगरों के कौशल, रचनात्मकता और समर्पण को सम्मान देने का अवसर है, जिन्होंने पीढ़ियों से अपनी शिल्पकला के माध्यम से भारत की परंपराओं को संरक्षित और समृद्ध बनाया है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय हथकरघा केवल वस्त्र निर्माण की कला नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रतीक है। उन्होंने बुनकर समुदाय के अथक परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि उनके हाथों से तैयार प्रत्येक उत्पाद भारत की विविधता, परंपरा और उत्कृष्ट शिल्प कौशल की कहानी दुनिया तक पहुंचाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि केंद्र सरकार हथकरघा क्षेत्र को निरंतर प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र ग्रामीण सशक्तिकरण, महिला नेतृत्व वाले विकास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुनकरों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार, वित्तीय सहायता और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं, ताकि उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके।
प्रधानमंत्री ने लोगों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने आग्रह किया कि नागरिक अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पादों और उनके निर्माण की प्रक्रिया से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करें। उन्होंने कहा कि #NationalHandloomDay हैशटैग के साथ साझा की गई ऐसी सामग्री न केवल भारतीय हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देगी, बल्कि इस क्षेत्र से जुड़े लाखों बुनकरों और कारीगरों का मनोबल भी बढ़ाएगी।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपने संदेश में कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस भारत की समृद्ध और जीवंत हथकरघा विरासत का उत्सव है। उन्होंने कहा कि देश के बुनकरों और कारीगरों का कौशल, रचनात्मकता और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के निरंतर सहयोग और जनता की भागीदारी से भारतीय हथकरघा उद्योग नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा और वैश्विक बाजार में अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत करेगा।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर वर्ष भारत की पारंपरिक बुनाई कला, स्थानीय शिल्पकारों और स्वदेशी वस्त्र उद्योग को सम्मानित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह अवसर देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का संदेश भी देता है।