Dengue Cases West Bengal: पश्चिम बंगाल में डेंगू के मामले 5 हजार के पार, मुर्शिदाबाद सबसे प्रभावित
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Dengue Cases West Bengal
पश्चिम बंगाल में 11 सितंबर तक डेंगू के 5,002 मामले सामने आए, जो अगस्त की तुलना में तेजी से बढ़े हैं।
मुर्शिदाबाद 1,072 मामलों के साथ सबसे प्रभावित है, इसके बाद कोलकाता और उत्तर 24 परगना का स्थान है।
स्वास्थ्य विभाग ने 15 अक्टूबर तक घर-घर निगरानी और डेंगू जांच का व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
Kolkata / पश्चिम बंगाल में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। राज्य में डेंगू से प्रभावित लोगों की संख्या 5,000 का आंकड़ा पार कर गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, 11 सितंबर तक राज्य में कुल 5,002 लोग डेंगू से प्रभावित पाए गए हैं। पिछले महीने की तुलना में मामलों में तेज बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त में इसी तारीख तक डेंगू से प्रभावित लोगों की संख्या 2,500 से भी कम थी।
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मामलों में यह बढ़ोतरी डेंगू की निगरानी और जांच में तेजी का भी संकेत है। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मुर्शिदाबाद जिला इस समय सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां अब तक डेंगू के 1,072 मामले सामने आए हैं। इसके बाद कोलकाता में 500 और उत्तर 24 परगना में 450 मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले कुछ वर्षों के दौरान भी इन तीन जिलों में डेंगू के मामलों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रही है।
घर-घर निगरानी पर जोर
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 2 सितंबर को राज्य में बीमारी की निगरानी और रोकथाम के लिए मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP जारी की थी। इसके तहत घर-घर जाकर लोगों की निगरानी करने और डेंगू जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल रक्त जांच कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के अनुसार, नए मामलों की संख्या में अचानक हुई वृद्धि यह दर्शाती है कि इस बार संदिग्ध मरीजों की पहचान और उनकी जांच अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा रही है। विभाग का कहना है कि इस वर्ष डेंगू के मामलों को अज्ञात बीमारी के रूप में दर्ज कर वास्तविक आंकड़े कम दिखाए जाने की स्थिति नहीं रही है, जैसा कि पिछले कुछ वर्षों में आरोप लगाए जाते रहे थे।
15 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान
राज्य सरकार ने डेंगू की रोकथाम और समय पर पहचान के लिए सभी जिला अधिकारियों को 15 अक्टूबर तक व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इस अभियान के दौरान डेंगू के संभावित लक्षण वाले लोगों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जिला अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे स्वास्थ्य विभाग को नियमित रूप से रिपोर्ट भेजें। इसमें प्रतिदिन बुखार से पीड़ित पाए जाने वाले लोगों की संख्या और डेंगू के लिए किए गए परीक्षणों का विवरण शामिल होगा।
पश्चिम बंगाल में डेंगू के 5,002 मामलों तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच व्यवस्था को और मजबूत किया है। मुर्शिदाबाद, कोलकाता और उत्तर 24 परगना में मामलों की अधिक संख्या को देखते हुए इन क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है। आने वाले हफ्तों में व्यापक जांच, घर-घर निगरानी और समय पर उपचार के जरिए संक्रमण को नियंत्रित करना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी।