PM मोदी ने उज्बेकिस्तान के युवाओं की हिंदी में संदेश के लिए की तारीफ
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Uzbekistan Youth Hindi Message
पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के युवाओं के उत्साह की सराहना की।
युवाओं ने हिंदी में खूबसूरत संदेश देकर पीएम मोदी का ध्यान खींचा।
हिंदी संदेश ने भारत-उज्बेकिस्तान के सांस्कृतिक संबंधों की झलक दिखाई।
New Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान की अपनी यात्रा से पहले वहां के युवाओं की ओर से दिखाए गए उत्साह और आत्मीयता की सराहना की है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उज्बेकिस्तान के युवा हिंदी भाषा में अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं के इस प्रयास को विशेष और सुखद बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे ही वह उज्बेकिस्तान की यात्रा शुरू करने वाले हैं, उन्हें वहां के अपने युवा मित्रों का उत्साह देखकर बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि वीडियो में युवाओं ने जिस तरह अपनी भावनाओं और उत्साह को व्यक्त किया, वह खास तौर पर सराहनीय है।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस पूरे प्रयास की सबसे खास बात यह रही कि उज्बेकिस्तान के युवाओं ने हिंदी में अपनी बात रखी और उसे बेहद खूबसूरत तथा शानदार तरीके से प्रस्तुत किया। मोदी ने अपने संदेश में इसी पहल को रेखांकित करते हुए युवाओं की तारीफ की।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, “जैसे ही मैं अपनी उज्बेकिस्तान यात्रा शुरू करने वाला हूं, मुझे उज्बेकिस्तान के अपने युवा मित्रों का उत्साह देखकर बहुत खुशी हो रही है, जिसे इस वीडियो में खूबसूरती से व्यक्त किया गया है।” उन्होंने आगे कहा कि इसे और भी खास बात यह बनाती है कि युवाओं ने यह संदेश हिंदी में दिया और बहुत ही शानदार तरीके से दिया।
प्रधानमंत्री की इस प्रतिक्रिया से भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लोगों के स्तर पर बढ़ते जुड़ाव की झलक मिलती है। खासतौर पर युवाओं द्वारा हिंदी में संवाद करने का प्रयास दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संपर्क को दर्शाता है।
उज्बेकिस्तान की यात्रा शुरू करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी की यह प्रतिक्रिया उस गर्मजोशी को भी सामने लाती है, जो उन्हें वहां के युवाओं की ओर से मिली है। वीडियो के माध्यम से युवाओं ने अपने उत्साह को जिस अंदाज में व्यक्त किया, उसने प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
प्रधानमंत्री ने युवाओं के प्रयास को केवल सराहा ही नहीं, बल्कि हिंदी में उनकी प्रस्तुति को इस पूरे अनुभव का सबसे विशेष हिस्सा बताया। उनका संदेश भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों में युवा संपर्क, भाषा और सांस्कृतिक जुड़ाव की अहमियत को रेखांकित करता है।