शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

Tue 15-Sep-2026,08:42 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि Sharat Chandra 150th Birth Anniversary
  • पीएम मोदी ने शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी।

  • उनकी रचनाएं ग्रामीण बंगाली समाज और 19वीं सदी के भारत का संवेदनशील चित्रण करती हैं।

  • प्रधानमंत्री ने युवाओं से शरतचंद्र का साहित्य पढ़ने की अपील की।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रसिद्ध बंगाली लेखक और साहित्यकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के साहित्यिक योगदान और उनकी रचनाओं के स्थायी महत्व को याद किया। उन्होंने कहा कि शरतचंद्र का लेखन भारतीय समाज, विशेषकर ग्रामीण बंगाली समाज के जीवन, संघर्षों और संवेदनाओं का सटीक एवं प्रभावशाली चित्रण प्रस्तुत करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की साहित्यिक रचनाओं का अनुवाद देश की लगभग सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं के साथ-साथ कई विदेशी भाषाओं में भी किया गया है। इससे उनके साहित्य की व्यापक स्वीकार्यता और सार्वभौमिक प्रासंगिकता का पता चलता है। उनकी रचनाएं केवल बंगाली साहित्य तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने देश-दुनिया के पाठकों को भारतीय समाज की जटिलताओं, मानवीय भावनाओं और सामाजिक परिस्थितियों से परिचित कराया।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के साहित्य में सामाजिक सुधार, महिलाओं के अधिकारों और राष्ट्रवाद के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शरतचंद्र का लेखन समाज में मौजूद असमानताओं, रूढ़ियों और अन्याय पर गंभीर सवाल उठाता है। उनकी रचनाओं में महिलाओं की पीड़ा, संघर्ष, आत्मसम्मान और अधिकारों को संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्ति मिली है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “प्रख्यात बंगाली लेखक, बहुमुखी प्रतिभा के धनी शरतचंद्र चट्टोपाध्याय को उनकी 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि।”

उन्होंने आगे कहा कि शरतचंद्र की रचनाओं को 19वीं सदी के भारत, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बंगाली समाज के सटीक चित्रण के लिए याद किया जाता है। उनके साहित्य में उस दौर के सामाजिक जीवन, पारिवारिक संबंधों, आर्थिक विषमताओं और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत चित्रण दिखाई देता है।

प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं से शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के साहित्य को अधिक से अधिक पढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाली पीढ़ियां भी उनकी रचनाओं से प्रेरणा लेंगी और भारतीय साहित्य, सामाजिक चेतना तथा मानवीय मूल्यों को समझने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।

शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती साहित्य, समाज और संस्कृति के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर है।