SCO की 25वीं बैठक दुशांबे में संपन्न, भारत ने व्यापार और कनेक्टिविटी पर दिया जोर

Fri 18-Sep-2026,11:18 PM IST +05:30

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SCO की 25वीं बैठक दुशांबे में संपन्न, भारत ने व्यापार और कनेक्टिविटी पर दिया जोर SCO Meeting 2026
  • SCO की 25वीं आर्थिक और विदेश व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक दुशांबे में संपन्न हुई।

  • भारत ने डिजिटल व्यापार, कनेक्टिविटी और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं पर जोर दिया।

  • 2026-2030 की आर्थिक सहयोग कार्ययोजना पर सदस्य देशों ने सहमति जताई।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के आर्थिक और विदेश व्यापार मंत्रियों की 25वीं बैठक 17 सितंबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में संपन्न हुई। बैठक में सदस्य देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही SCO के ढांचे के तहत व्यापार और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। भारत की ओर से श्री यशवीर सिंह ने देश का पक्ष रखा और SCO की आर्थिक क्षमता को ठोस परिणामों में बदलने पर जोर दिया।

व्यापार बढ़ाने और लागत कम करने पर भारत का जोर
बैठक में भारत ने SCO देशों के बीच आपसी व्यापार बढ़ाने, व्यापार से जुड़ी लागत कम करने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने और बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने की जरूरत बताई। भारत ने कहा कि SCO की आर्थिक क्षमता का इस्तेमाल सदस्य देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और व्यवसायों के लिए नए अवसर तैयार करने में किया जा सकता है।

भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान रखे गए दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए सुरक्षा, संपर्क और अवसर को तीन महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में सामने रखा। भारत के अनुसार इन क्षेत्रों का आर्थिक महत्व आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, विश्वसनीय कनेक्टिविटी और व्यापक बाजार पहुंच से जुड़ा है।

डिजिटल व्यापार और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग
भारत ने व्यापार को आसान बनाने और डिजिटल तकनीक के अधिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया। बैठक में भारत ने कहा कि सरल सीमा शुल्क प्रक्रियाओं, कागजरहित व्यापार और दस्तावेजों के इलेक्ट्रॉनिक आदान-प्रदान से व्यापार में लगने वाले समय और लागत को कम किया जा सकता है।

इसके साथ ही भारत ने बहुआयामी कनेक्टिविटी को मजबूत करने और पारगमन समय घटाने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत का कहना था कि बेहतर परिवहन और व्यापारिक संपर्क SCO सदस्य देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही को आसान बनाने में मदद कर सकते हैं।

रणनीतिक क्षेत्रों में मजबूत आपूर्ति श्रृंखला पर जोर
भारत ने कृषि, महत्वपूर्ण खनिजों, फार्मास्यूटिकल्स, विनिर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में SCO देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। इन क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखलाओं को विविधतापूर्ण और मजबूत बनाने की जरूरत पर विशेष ध्यान दिया गया।

इसके अलावा ऊर्जा सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। भारत ने इन क्षेत्रों को भविष्य के आर्थिक और औद्योगिक सहयोग के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में रेखांकित किया।

MSME और स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
बैठक में छोटे व्यवसायों, MSME और स्टार्टअप्स को क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार में अधिक प्रभावी ढंग से शामिल करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। भारत ने डिजिटल भुगतान, सीमा पार भुगतान और आसानी से उपलब्ध व्यापार वित्त को छोटे कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।

भारत ने SCO देशों की अर्थव्यवस्थाओं की वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में अधिक भागीदारी की आवश्यकता भी सामने रखी। साथ ही विश्व व्यापार संगठन (WTO) को केंद्र में रखते हुए खुली, समावेशी और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

2026-2030 की कार्ययोजना पर सहमति
बैठक में SCO सदस्य देशों के आर्थिक और विदेश व्यापार मंत्रियों का संयुक्त वक्तव्य पारित किया गया। मंत्रियों ने 2026 से 2030 तक बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के कार्यान्वयन की कार्ययोजना पर भी सहमति जताई। इस कार्ययोजना को आगे SCO सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों यानी प्रधानमंत्रियों की परिषद के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।

इसके अलावा, SCO सदस्य देशों में रचनात्मक अर्थव्यवस्था के विकास के लिए विशेष कार्य समूह से जुड़े नियमों को भी मंजूरी दी गई। मंत्रियों ने SCO बिजनेस काउंसिल की गतिविधियों और ताजिकिस्तान की ओर से प्रस्तुत SCO आर्थिक विश्लेषणात्मक केंद्रों के संघ से संबंधित जानकारी पर भी चर्चा की।

अगली मंत्रिस्तरीय बैठक 2027 में उज्बेकिस्तान में
बैठक के अंत में तय किया गया कि SCO सदस्य देशों के आर्थिक और विदेश व्यापार मंत्रियों की अगली बैठक 2027 में उज्बेकिस्तान में आयोजित की जाएगी। दुशांबे बैठक में व्यापार, डिजिटलाइजेशन, कनेक्टिविटी, आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा, MSME और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भागीदारी जैसे मुद्दों को आर्थिक सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में सामने रखा गया।

SCO की 25वीं आर्थिक और विदेश व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक में सदस्य देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई। भारत ने व्यापार लागत घटाने, डिजिटल व्यापार, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला, बेहतर कनेक्टिविटी और छोटे कारोबारियों की भागीदारी बढ़ाने पर अपना पक्ष रखा। 2026-2030 की कार्ययोजना पर सहमति बैठक के प्रमुख परिणामों में शामिल रही।