भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 160 गीगावाट के पार, PM मोदी ने गिनाईं उपलब्धियां

Sat 19-Sep-2026,03:12 PM IST +05:30

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भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 160 गीगावाट के पार, PM मोदी ने गिनाईं उपलब्धियां Solar Power Capacity
  • भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 12 वर्षों में बढ़कर 160 गीगावाट से अधिक हुई।

  • पीएम सूर्य घर योजना के तहत 50 लाख से ज्यादा घरों में रूफटॉप सोलर लगाए गए।

  • पीएम-कुसुम योजना के तहत 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाए गए।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / नई दिल्ली में आयोजित ‘द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की सौर ऊर्जा क्षमता में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। करीब 2 गीगावाट से शुरू हुई सौर ऊर्जा क्षमता अब 160 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश की जा रही है।

50 लाख से ज्यादा घरों तक पहुंची रूफटॉप सोलर योजना
प्रधानमंत्री ने ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत 50 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। सरकार की ओर से पात्र परिवारों को सोलर सिस्टम लगाने के लिए वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 तक 51.58 लाख परिवार इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर से लाभान्वित हो चुके थे और करीब 19 लाख घरों में शून्य बिजली बिल की स्थिति दर्ज की गई थी।

PM मोदी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि घरों को भी ऊर्जा उत्पादन का केंद्र बनाना है। इससे परिवार अपनी बिजली की जरूरत का एक हिस्सा खुद पूरा कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने की संभावना भी बनती है।

किसानों के खेतों में सोलर पंप
प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए चल रही पीएम-कुसुम योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इसके तहत करीब 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाए गए हैं। इससे कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने ‘वन नेशन, वन ग्रिड’ परियोजना और लाखों परिवारों तक एलईडी बल्ब पहुंचाने का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के मुताबिक ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े इन प्रयासों का असर कार्बन उत्सर्जन में कमी के रूप में दिखाई दे रहा है।

सौर ऊर्जा से कार्बन उत्सर्जन में कमी
PM मोदी ने कहा कि सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से भारत ने करीब 20 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन को रोकने में सफलता हासिल की है। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

प्रधानमंत्री ने सम्मेलन में सौर ऊर्जा के अलावा पवन, जल और परमाणु ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों, हरित परिवहन और अन्य स्वच्छ तकनीकों में हुई प्रगति की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश का विकास तेज होने के साथ-साथ टिकाऊ भी होना चाहिए।

पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी पर जोर
प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, वन क्षेत्र, कचरा प्रबंधन और पेड़ लगाने जैसे अभियानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रह सकता, इसमें समाज और आम लोगों की भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि भारत आधुनिक तकनीक और अपनी पारंपरिक पर्यावरणीय सोच को साथ लेकर जलवायु चुनौतियों से निपटने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सम्मेलन में पर्यावरण और जलवायु से जुड़े विशेषज्ञों तथा विभिन्न देशों के न्यायिक प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।