Analog Paneer Ban: MP में एनालॉग पनीर पर बैन की तैयारी, त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा पर सख्ती
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Analog Paneer Ban MP
एमपी में एनालॉग पनीर पर बैन की तैयारी।
20 जुलाई से खाद्य सुरक्षा अभियान जारी।
शुद्ध दूध और मावा उपलब्ध कराने पर जोर।
Bhopal / मध्य प्रदेश में असली पनीर के नाम पर एनालॉग पनीर की कथित बिक्री को लेकर सरकार अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर रही है। आम उपभोक्ताओं के लिए असली और एनालॉग पनीर के बीच अंतर करना आसान नहीं होता। ऐसे में बाजार में इसकी बिक्री को लेकर लोगों की चिंता बढ़ रही है। सरकार का कहना है कि त्योहारों के दौरान दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने स्पष्ट किया है कि मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर को प्रतिबंधित किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद अब खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई और सरकार के अगले कदम पर नजर बनी हुई है। इससे पहले महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात सामने आ चुकी है।
मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि फिलहाल त्योहारों का समय चल रहा है और कुछ समय बाद रक्षाबंधन भी आने वाला है। ऐसे अवसरों पर दूध, पनीर, मावा और अन्य डेयरी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि लोगों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो।
उन्होंने कहा कि 20 जुलाई से लगातार खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों तक शुद्ध दूध और शुद्ध मावा पहुंचाना है। सरकार त्योहारों के दौरान बाजार में उपलब्ध दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखना चाहती है।
एनालॉग पनीर को लेकर सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सामान्य ग्राहक के लिए इसे देखने या खाने मात्र से असली पनीर से अलग पहचानना आसान नहीं होता। इसी वजह से खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और सैंपलिंग की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि बाजार में नियमों के विपरीत या गलत तरीके से उत्पाद बेचे जाते हैं, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
मध्य प्रदेश सरकार के इस रुख से आने वाले दिनों में पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की जांच का अभियान और तेज होने की संभावना है। खासकर त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।
फिलहाल सरकार का जोर शुद्ध दूध, शुद्ध मावा और सुरक्षित डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराने पर है। एनालॉग पनीर को प्रतिबंधित करने की घोषणा के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इसे लागू करने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाती है और खाद्य सुरक्षा विभाग बाजार में इसकी बिक्री रोकने के लिए किस स्तर पर कार्रवाई करता है।