अमेरिका-ईरान सीजफायर: ट्रंप ने चीन को दिया श्रेय, पाकिस्तान ने किया दावा
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अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम लागू, ट्रंप ने चीन को श्रेय दिया जबकि पाकिस्तान ने खुद को मध्यस्थ बताते हुए कूटनीतिक सफलता का दावा किया।
समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमति, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई और बाजारों में स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ी है।
US Iran/ मिडिल ईस्ट में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बन गई है। इस घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, खासकर इस बात को लेकर कि इस समझौते के पीछे असली भूमिका किसकी रही। जहां पाकिस्तान खुद को इस कूटनीतिक सफलता का श्रेय दे रहा है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चीन को इस युद्धविराम का असली कारक बताया है।
ट्रंप ने समाचार एजेंसी एएफपी को दिए बयान में कहा कि चीन ने ईरान को बातचीत के लिए राजी करने में अहम भूमिका निभाई। उनके मुताबिक, पर्दे के पीछे चीन लगातार सक्रिय रहा और उसने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के प्रयास किए।
इससे पहले अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में भी दावा किया गया था कि चीन ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए ईरान को युद्धविराम के लिए मनाने की कोशिश की और इसमें सफलता भी हासिल की।
दूसरी ओर, पाकिस्तान इस समझौते का श्रेय खुद को दे रहा है। प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने दावा किया कि उन्होंने लगातार कूटनीतिक प्रयास किए और अमेरिका तथा ईरान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पाकिस्तान के अनुसार, शहबाज शरीफ ने अमेरिकी नेतृत्व और ईरानी अधिकारियों से संपर्क कर दो सप्ताह के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था। साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का सुझाव भी दिया, ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित न हो।
इस समझौते के तहत Strait of Hormuz को खोलने पर भी सहमति बनी है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। इसके खुलने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता आने की उम्मीद है।
सूत्रों के मुताबिक, ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने भी इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिससे दोनों देशों के बीच 40 दिनों से जारी तनाव फिलहाल थम गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस युद्धविराम से क्षेत्र में शांति की उम्मीद जगी है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए आगे की बातचीत बेहद अहम होगी। आने वाले दो सप्ताह इस समझौते के भविष्य को तय करेंगे।