भारत-अमेरिका रक्षा संबंध मजबूत करने अमेरिका पहुंचे वायुसेना प्रमुख
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एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह अमेरिका दौरे पर, भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी और वायु सेना सहयोग को मजबूत करने पर रहेगा फोकस।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा, एयरोस्पेस नवाचार और रक्षा तकनीक सहयोग को नई दिशा देने की संभावना, दोनों देशों के रिश्ते होंगे मजबूत।
अमेरिका/ भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का अमेरिका दौरा भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
अमेरिका पहुंचने पर भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने उनका स्वागत किया और इस दौरे को द्विपक्षीय रक्षा संबंधों के विस्तार के लिए अहम बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि यह यात्रा दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच मजबूत और निरंतर बढ़ते संबंधों को और मजबूती देगी।
यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब हाल ही में अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पपारो ने भारत का दौरा किया था। उनकी यात्रा के दौरान नई दिल्ली, चंडीगढ़ और बेंगलुरु में कई महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन हुआ था।
नई दिल्ली में एडमिरल पपारो ने जनरल अनिल चौहान और एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी सहित वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों से मुलाकात की थी। इन बैठकों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, सैन्य समन्वय और साझा रणनीतिक हितों पर चर्चा की गई।
इस दौरान थल, जल, वायु, अंतरिक्ष और साइबरस्पेस जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। भारत की भूमिका को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम बताया गया।
एडमिरल पपारो ने चंडीमंदिर स्थित पश्चिमी कमान का भी दौरा किया, जहां उन्होंने सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा और सैन्य रणनीतियों पर चर्चा की। इसके अलावा बेंगलुरु में वैमानिकी विकास एजेंसी और राष्ट्रीय उड़ान परीक्षण केंद्र का निरीक्षण कर रक्षा तकनीक और एयरोस्पेस नवाचार पर सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं को तलाशा गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का यह दौरा भारत-अमेरिका के बीच रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। इससे दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है।