भारत ने अंतरराष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन में समुद्री खाद्य निर्यात को बढ़ाया

Tue 20-Jan-2026,01:28 PM IST +05:30

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भारत ने अंतरराष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन में समुद्री खाद्य निर्यात को बढ़ाया India-Seafood-Export-Roundtable-2026
  • भारत में 21 जनवरी 2026 को समुद्री खाद्य निर्यात संवर्द्धन गोलमेज सम्मेलन आयोजित, 83 देशों के राजदूत और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने लिया हिस्सा।

  • भारत का 2024-25 में समुद्री खाद्य निर्यात 16.98 लाख मीट्रिक टन, 62,408 करोड़ रुपये (7.45 बिलियन USD) तक पहुंचा, निर्यातक क्षमता में सुधार।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ नई दिल्ली में 21 जनवरी 2026 को मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग द्वारा समुद्री खाद्य निर्यात संवर्द्धन के लिए एक महत्वपूर्ण गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में भारत के साथ-साथ 83 देशों के राजदूत और उच्चायुक्त, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी और केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। इसका मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना, वैश्विक बाजार तक पहुंच मजबूत करना, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना, और मत्स्य पालन और समुद्री खाद्य मूल्य श्रृंखलाओं में आजीविका और निर्यात क्षमता को सुदृढ़ करना है।
गोलमेज सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने अध्यक्षता की, जबकि राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल भी उपस्थित रहे। भारत जलीय कृषि में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और वैश्विक स्तर पर मछली और जलीय खाद्य पदार्थों के अग्रणी निर्यातकों में शामिल है। 2024-25 में भारत का समुद्री खाद्य निर्यात 16.98 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा, जो 62,408 करोड़ रुपये (7.45 बिलियन अमेरिकी डॉलर) के बराबर है। यह कुल कृषि निर्यात में लगभग 18 प्रतिशत योगदान देता है।

सम्मेलन में व्यापार, बाजार विविधीकरण, निवेश, संयुक्त उद्यम, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। डिजिटल रिपोर्टिंग, मानक और प्रमाणन, कोल्ड चेन अवसंरचना, मूल्यवर्धन और प्रसंस्करण नवाचार, बंदरगाह संपर्क और वित्तपोषण जैसे क्षेत्रों में वैश्विक सहयोग पर जोर दिया गया।

अंतरराष्ट्रीय भागीदारों ने उच्च गुणवत्ता वाले, प्रमाणित और दीर्घकालिक स्रोतों से समुद्री खाद्य उत्पादों की बढ़ती मांग पर चर्चा की। उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पूर्वी एशिया में प्रीमियम प्रोटीन और रेडी-टू-ईट समुद्री उत्पादों की बढ़ती खपत ने भारत के लिए नए अवसर खोले हैं। सम्मेलन से उम्मीद है कि भारत की वैश्विक बाजार हिस्सेदारी बढ़ेगी, खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, मत्स्य पालन में आजीविका सुधरेगी और निर्यातक आधार सुदृढ़ होगा।

इस गोलमेज सम्मेलन के परिणामस्वरूप मत्स्य पालन और समुद्री खाद्य व्यापार में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय साझेदारी बढ़ेगी। यह पहल न केवल भारत के निर्यात को बढ़ाएगी, बल्कि छोटे, सीमांत और पारंपरिक मछुआरों को भी लाभ पहुंचाएगी। कार्यक्रम ने वैश्विक मानकों, निवेश अवसरों, तकनीकी नवाचार और सतत विकास के साझा लक्ष्यों को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक मंच प्रदान किया।