पीयूष गोयल का आह्वान: भारत बने खाद्य निर्यात में वैश्विक नेता
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पीयूष गोयल ने आहार इंटरनेशनल फूड एंड हॉस्पिटैलिटी फेयर में भारत को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का विश्व का सबसे बड़ा निर्यातक बनाने का आह्वान किया।
मुक्त व्यापार समझौतों के जरिए भारत को 38 देशों के बाजारों तक पहुंच मिली, सरकार ने किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों की सुरक्षा पर जोर दिया।
New Delhi/ केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने देश के खाद्य, कृषि और आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भारत को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भारत के पास विशाल कृषि संसाधन, विविध उत्पाद और तेजी से बढ़ती वैश्विक मांग जैसे कई ऐसे कारक हैं, जो देश को वैश्विक खाद्य व्यापार में अग्रणी बना सकते हैं।
नई दिल्ली में आयोजित AAHAR-The International Food & Hospitality Fair के 40वें संस्करण के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि भारत का खाद्य और कृषि उत्पाद निर्यात अब लगभग 5 लाख करोड़ रुपये यानी 55 बिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है। इससे भारत दुनिया में कृषि उपज का सातवां सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत के कृषि और खाद्य निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2014 से 2025 के बीच प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का निर्यात चार गुना बढ़ा है, जबकि फल और दालों का निर्यात तीन गुना हो गया है। इसी अवधि में प्रसंस्कृत सब्जियों का निर्यात भी चार गुना बढ़ा है। कोको का निर्यात तीन गुना और अनाज का निर्यात दोगुना हुआ है।
उन्होंने कहा कि अकेले चावल के निर्यात में इस अवधि के दौरान लगभग 62 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इन उपलब्धियों को देखते हुए भारत के लिए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के वैश्विक निर्यात में शीर्ष स्थान हासिल करना एक यथार्थवादी लक्ष्य है। यह लक्ष्य प्रधानमंत्री Narendra Modi के उस विजन के अनुरूप है जिसमें भारत को “विश्व का फूड बास्केट” बनाने की परिकल्पना की गई है।
मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) संपन्न किए हैं, जिससे 38 विकसित और समृद्ध देशों के बाजारों तक भारतीय उत्पादों की पहुंच आसान हो गई है। इन समझौतों से भारतीय निर्यातकों को बड़े बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि आज भारत को वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक वरीयतापूर्ण बाजार पहुंच प्राप्त है। इससे भारत विदेशी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है और भारतीय कंपनियों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
श्री गोयल ने स्पष्ट किया कि व्यापार समझौतों पर बातचीत करते समय सरकार ने किसानों, मछुआरों और लघु एवं मध्यम उद्यमों के हितों का विशेष ध्यान रखा है। डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है और विदेशी उत्पादकों को किसी प्रकार की रियायत नहीं दी गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) उत्पादों को भी व्यापार समझौतों में कोई शुल्क छूट या बाजार पहुंच नहीं दी गई है। इसके अलावा चावल, गेहूं, मक्का, सोयाबीन आटा और दालों जैसी प्रमुख कृषि वस्तुओं को भी व्यापार वार्ताओं में संरक्षण दिया गया है।
चीनी क्षेत्र को लेकर भी सरकार ने सावधानी बरती है। मंत्री ने कहा कि चीनी क्षेत्र में व्यापक रियायतें नहीं दी गई हैं, ताकि ऐसे आयात से बचा जा सके जो देश के गन्ना किसानों और घरेलू उत्पादकों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने किसानों और उद्यमियों से 1 लाख करोड़ रुपये के कृषि अवसंरचना कोष का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उनके अनुसार, खाद्य प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन पर ध्यान केंद्रित करने से किसानों को वैश्विक बाजारों में बेहतर कीमत मिल सकती है।
मंत्री ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में लघु उद्यमों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी इस क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने इस वर्ष आयोजित आहार मेले में इटली को भागीदार देश के रूप में स्वागत करते हुए कहा कि भारत को इटली के खाद्य और आतिथ्य क्षेत्र की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से सीखने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यूरोप कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार है और नई व्यापार व्यवस्थाओं के तहत कई भारतीय उत्पादों पर बहुत कम या शून्य शुल्क लागू होता है।
अपने संबोधन के अंत में मंत्री ने विश्वास जताया कि किसानों, मछुआरों, उद्यमियों और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयासों से भारत वैश्विक खाद्य व्यापार में नई ऊंचाइयों को छू सकता है और “मेड इन इंडिया” ब्रांड को विश्व स्तर पर मजबूत कर सकता है।