Donald Trump Iran War Statement | ईरान जंग पर ट्रंप का बड़ा बयान: बोले जल्द खत्म होगा युद्ध, तेहरान को दी कड़ी चेतावनी
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Donald Trump Iran War Statement
ट्रंप बोले ईरान जंग जल्द खत्म हो सकती है।
अमेरिका ने तेहरान को दी कड़ी चेतावनी।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर दुनिया की नजर।
America / अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य टकराव को लेकर बड़ा बयान दिया है। मंगलवार को फ्लोरिडा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध “जल्द खत्म” होने वाला है, हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई। साथ ही उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान ने किसी तरह की “चालाकी या भारी हरकत” करने की कोशिश की, तो अमेरिका उसके खिलाफ और कठोर कदम उठाएगा।
ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई को “शॉर्ट टर्म एक्सकर्शन” यानी अल्पकालिक अभियान बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि कुछ खतरनाक तत्वों से छुटकारा पाना जरूरी था। ट्रंप के अनुसार, यह कार्रवाई लंबे युद्ध में बदलने के लिए नहीं बल्कि सीमित उद्देश्य को हासिल करने के लिए की गई थी।
11 दिन से जारी है संघर्ष
गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमले को अब 11 दिन हो चुके हैं। 28 फरवरी को शुरू हुए इस सैन्य अभियान के बाद से क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ा हुआ है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके अलावा इजरायल पर भी कई हमले किए गए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना दिया है। कई देशों ने इस संघर्ष को लेकर चिंता जताई है और कूटनीतिक समाधान की अपील की है।
भारत भी स्थिति पर रख रहा नजर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत भी स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर हालात का जायजा लिया।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री के साथ संघर्ष से जुड़ी नई घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की और दोनों पक्षों ने संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।
ईरान की परमाणु क्षमता पर बड़ा दावा
इस बीच अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने दावा किया है कि हालिया सैन्य अभियानों में ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने यह बयान ‘CNBC’ को दिए एक इंटरव्यू में दिया।
विटकॉफ के अनुसार, अमेरिका और इजरायल द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन “एपिक फ्यूरी” का उद्देश्य ईरान के रणनीतिक सैन्य और परमाणु ढांचे को कमजोर करना है। यह बयान उस समय आया है जब यह अभियान अपने 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
युद्ध के बीच बढ़ी सैन्य गतिविधि
संघर्ष के बीच अमेरिका की सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ द्वारा ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे भीषण हमलों की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद तीन अमेरिकी B-1 बमवर्षक विमान एक ब्रिटिश एयरपोर्ट से उड़ान भरते देखे गए।
हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि ब्रिटेन ने अपने एयरबेस का इस्तेमाल युद्ध अभियानों के लिए करने की अनुमति देने से पहले कुछ हिचक दिखाई थी।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के बयान के बावजूद क्षेत्र में हालात अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं। यदि संघर्ष जल्द समाप्त नहीं हुआ तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में जाता है और क्या कूटनीतिक प्रयासों से इसे खत्म किया जा सकेगा।