इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स का इस्तीफा, राहुल भाटिया संभालेंगे अंतरिम जिम्मेदारी

Tue 10-Mar-2026,11:42 PM IST +05:30

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इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स का इस्तीफा, राहुल भाटिया संभालेंगे अंतरिम जिम्मेदारी Indigo CEO Resignation
  • इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने दिया इस्तीफा।

  • राहुल भाटिया संभालेंगे अंतरिम तौर पर एयरलाइन की जिम्मेदारी।

  • दिसंबर 2025 के फ्लाइट संकट के बाद आया बड़ा बदलाव।

Delhi / Delhi :

Delhi / देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इंडिगो का संचालन करने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि एल्बर्स तत्काल प्रभाव से अपने पद से हट रहे हैं। कंपनी ने उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।

कंपनी के अनुसार, फिलहाल इंटरग्लोब एविएशन के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया अंतरिम रूप से एयरलाइन के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे। जब तक कंपनी नए सीईओ की नियुक्ति नहीं करती, तब तक वही इंडिगो के संचालन और रणनीतिक फैसलों की देखरेख करेंगे। एयरलाइन ने यह भी संकेत दिया है कि जल्द ही नए नेतृत्व की घोषणा की जा सकती है।

इंटरग्लोब एविएशन के बोर्ड के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा कि राहुल भाटिया का दोबारा प्रबंधन संभालना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में इंडिगो अपनी कार्य संस्कृति को और मजबूत करेगी, परिचालन में उत्कृष्टता बनाए रखेगी और यात्रियों को बेहतर सेवाएं देती रहेगी।

राहुल भाटिया ने भी इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्होंने लगभग 22 साल पहले इंडिगो की स्थापना की थी और तब से इसे लगातार आगे बढ़ाया है। उनके लिए एयरलाइन केवल एक कंपनी नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है, जो देश, यात्रियों, कर्मचारियों और निवेशकों से जुड़ी हुई है।

करीब तीन साल पहले पीटर एल्बर्स इंडिगो के सीईओ बने थे। उनके कार्यकाल में एयरलाइन ने तेजी से विस्तार किया और कई बड़े व्यावसायिक फैसले लिए। उनके नेतृत्व में कंपनी की आय 10 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गई और इंडिगो का फ्लीट बढ़कर 440 से ज्यादा विमानों तक पहुंच गया। इसी दौरान एयरलाइन ने एयरबस के साथ ए320 फैमिली के 500 विमानों का ऐतिहासिक ऑर्डर भी दिया, जिसे विमानन इतिहास के सबसे बड़े सौदों में से एक माना जाता है।

हालांकि इन उपलब्धियों के बावजूद उनके कार्यकाल को दिसंबर 2025 में आए बड़े परिचालन संकट ने प्रभावित किया। उस समय एयरलाइन को पायलटों की थकान रोकने के लिए लागू किए गए नए नियमों के कारण संचालन में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो को 2,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि लगभग 1,900 उड़ानों में देरी हुई। इस स्थिति के कारण देशभर में करीब तीन लाख यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। यह संकट इंडिगो के हालिया इतिहास की सबसे बड़ी परिचालन चुनौतियों में से एक माना गया।

अब एल्बर्स के इस्तीफे के बाद कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती नए नेतृत्व के साथ स्थिरता बनाए रखना और यात्रियों का भरोसा मजबूत करना होगा। इंडिगो भारत के विमानन बाजार में सबसे बड़ी एयरलाइन है, इसलिए इसके नेतृत्व में होने वाले बदलाव पर पूरे एविएशन सेक्टर की नजर बनी हुई है।