तमिलनाडु रोजगार मेला: 148 युवाओं को नौकरी
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शिवगंगा रोजगार मेले में 148 युवाओं को केंद्रीय बलों और प्रतिष्ठित संस्थानों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया से प्रेरित रोजगार पहल से लाखों युवाओं को अवसर मिले।
Delhi/ शिवगंगा स्थित आईटीबीपी आरटीसी में आयोजित रोजगार मेले को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने कहा कि रोजगार मेला केवल नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह अवसर, सम्मान और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का प्रतीक है। इस मेले के दौरान आईटीबीपी, बीएसएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी, असम राइफल्स, इसरो और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित विभिन्न केंद्रीय संस्थानों के 148 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
अपने संबोधन में मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र ने देश को अभूतपूर्व प्रगति की दिशा में आगे बढ़ाया है। स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों ने युवाओं को नए अवसरों के लिए तैयार किया है और रोजगार मेले इसी सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।
तमिलनाडु की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए डॉ. चंद्र शेखर ने कहा कि राज्य प्रतिभा, नवाचार और औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र है। चेन्नई देश के ऑटोमोबाइल निर्यात में 10 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है, जबकि आईटी सेक्टर में छह लाख से ज्यादा पेशेवर कार्यरत हैं। कौशल विकास और उद्यमिता कार्यक्रमों ने हजारों युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता की है।
राज्य मंत्री ने जानकारी दी कि रोजगार मेला पहल के तहत अब तक देशभर में 10 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं। वर्तमान चरण में 51,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सीखने की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखें और राष्ट्र को वैश्विक महाशक्ति बनाने में योगदान दें।
भारत की आर्थिक प्रगति पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप्स, विनिर्माण और डिजिटल नवाचार ने देश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। पीएम मुद्रा योजना, ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस और वोकल फॉर लोकल जैसे सुधारों ने स्थानीय उद्योगों को मजबूत किया है। दूरसंचार क्षेत्र में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं से हजारों नई नौकरियां और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से उच्च कौशल वाले रोजगार सृजित हुए हैं और देश की सुरक्षा भी मजबूत हुई है। अंत में, नव-नियुक्त उम्मीदवारों से 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ योगदान देने का आह्वान किया गया।