डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा: TDB ने मधुमेह-हृदय निगरानी तकनीक को दी मंजूरी

Wed 21-Jan-2026,06:22 PM IST +05:30

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डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा: TDB ने मधुमेह-हृदय निगरानी तकनीक को दी मंजूरी AI-Digital-Health-Diabetes-Cardiac-Monitoring-TDB
  • परियोजना से किफायती स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पताल निर्भरता में कमी और उच्च जोखिम वाले मरीजों की समय रहते पहचान संभव होगी।

  • डिजिटल स्वास्थ्य परियोजना मधुमेह और हृदय रोगों की निरंतर, रियल-टाइम और दूरस्थ निगरानी को संभव बनाकर निवारक स्वास्थ्य देखभाल को नई दिशा देगी।

Delhi / :

Delhi/ भारत सरकार की निवारक स्वास्थ्य देखभाल क्षमता को सुदृढ़ करने और अनुसंधान को व्यावहारिक चिकित्सा समाधानों में बदलने की प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने महाराष्ट्र स्थित डी आर स्टोर हेल्थकेयर सर्विस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस समझौते के तहत कार्डियोवैस्कुलर बायोमार्कर युक्त मल्टीवाइटल कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटरिंग (CGM) डिवाइस के विकास को अनुदान सहायता प्रदान की गई है।

यह परियोजना भारत-कनाडा सहयोगात्मक औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम के अंतर्गत समर्थित है, जिसमें कनाडा की नैनोस्पीड डायग्नोस्टिक्स इंक. तकनीकी सहयोगी के रूप में शामिल है। इस द्विपक्षीय कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग-प्रेरित और बाजार-उन्मुख अनुसंधान को बढ़ावा देना है, ताकि सामाजिक महत्व की व्यावसायिक रूप से उपयोगी तकनीक विकसित की जा सके।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य उन्नत कार्डियो-मेटाबोलिक बायोमार्करों जैसे बी-टाइप नेट्रीयूरेटिक पेप्टाइड (BNP), ट्रोपोनिन-आई और उच्च-संवेदनशीलता सी-रिएक्टिव प्रोटीन को मौजूदा CGM प्रणालियों में एकीकृत करना है। यह तकनीक इंटरस्टिशियल फ्लूड विश्लेषण के माध्यम से रक्त शर्करा के स्तर के साथ-साथ हृदय संबंधी शुरुआती जोखिम संकेतकों की निरंतर निगरानी संभव बनाएगी।

इस नवाचार से मधुमेह से ग्रस्त और उच्च जोखिम वाले मरीजों में हृदय रोगों का शीघ्र पता लगाने, दूरस्थ निगरानी और निवारक प्रबंधन में मदद मिलेगी। इससे अस्पताल-आधारित जांचों पर निर्भरता घटेगी और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक किफायती बनेंगी।

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड के सचिव श्री राजेश कुमार पाठक ने कहा कि दीर्घकालिक बीमारियों का बोझ कम करने के लिए तकनीक-आधारित निवारक समाधान अत्यंत आवश्यक हैं। यह परियोजना स्वदेशी चिकित्सा उपकरणों के विकास और डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।