ITLA क्या बदलेगा? ₹500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की निगरानी से लॉजिस्टिक्स को मिलेगी नई दिशा

Tue 06-Oct-2026,04:37 PM IST +05:30

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ITLA क्या बदलेगा? ₹500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की निगरानी से लॉजिस्टिक्स को मिलेगी नई दिशा Project Monitoring
  • ITLA परिवहन और लॉजिस्टिक्स के लिए राष्ट्रीय शीर्ष संस्था के रूप में काम करेगी।

  • ₹500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन और निगरानी होगी।

  • राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार से योजना और प्रभाव आकलन को मजबूती मिलेगी।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / भारत में परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी योजनाओं को अधिक समन्वित और प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) नाम से एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) स्थापित करने को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य परिवहन और लॉजिस्टिक्स के व्यापक क्षेत्र में अनुसंधान, योजना, परियोजना मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को मजबूत करना है।

सरकार के अनुसार, फिलहाल परिवहन से जुड़े विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के स्तर पर अलग-अलग योजनाएं और परियोजनाएं संचालित होती हैं। ऐसे में इनके बीच बेहतर समन्वय और बहुविध परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना एक महत्वपूर्ण चुनौती है। ITLA इसी चुनौती से निपटने के लिए एक संस्थागत व्यवस्था के रूप में काम करेगी।

राष्ट्रीय स्तर पर बनेगा एकीकृत योजना ढांचा
ITLA को एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स योजना, अनुसंधान, परियोजना मूल्यांकन एवं निगरानी, नीतिगत समर्थन और डेटा विश्लेषण के लिए राष्ट्रीय शीर्ष संस्था के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका एक प्रमुख काम दस वर्ष या उससे अधिक की अवधि को ध्यान में रखते हुए व्यापक राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करना होगा।

इस मास्टर प्लान में सड़क, रेलवे, बंदरगाह और जहाजरानी, नागर विमानन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय जहाजरानी, शहरी गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था जैसे विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। इससे परिवहन के अलग-अलग माध्यमों को एक-दूसरे से जोड़कर समग्र योजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

ITLA परिवहन मंत्रालयों की लगभग पांच वर्ष की क्षेत्रीय योजनाओं और वार्षिक योजनाओं का भी मूल्यांकन करेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि इन योजनाओं की दिशा राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान के अनुरूप रहे और विभिन्न माध्यमों से जुड़ी अवसंरचना का एकीकृत विकास हो सके।

₹500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की निगरानी
नई संस्था की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करना भी होगी। ₹500 करोड़ या उससे अधिक लागत वाली भारत सरकार की अवसंरचना परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन ITLA करेगी। हालांकि, इन परियोजनाओं का वित्तीय मूल्यांकन मौजूदा वित्तीय मूल्यांकन व्यवस्था के माध्यम से ही जारी रहेगा।

ITLA ₹500 करोड़ से अधिक की परिवहन और अवसंरचना परियोजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी भी करेगी। परियोजनाओं के दौरान आने वाली विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए समन्वित तंत्र विकसित किया जाएगा। साथ ही परियोजना पूरी होने के बाद उसके प्रभाव का आकलन भी किया जाएगा।

एकीकृत परिवहन डेटा भंडार होगा तैयार
ITLA का एक अहम हिस्सा राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार (NTDR) होगा। इसके तहत GSTN ई-वे बिल, FASTag, वाहन संबंधी डेटा, GPS आधारित प्रणालियों, शहरी यातायात प्रबंधन प्रणालियों और अन्य प्रासंगिक डेटाबेस से परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स से जुड़े आंकड़े जुटाए जाएंगे।

इन आंकड़ों का इस्तेमाल परिवहन की योजना बनाने, परियोजनाओं की निगरानी और उनके प्रभाव का आकलन करने के लिए किया जाएगा। फ्रेट फ्लो और ओरिजिन-डेस्टिनेशन (OD) जैसे विश्लेषणों के माध्यम से परिवहन व्यवस्था को बेहतर समझने में मदद मिलेगी।

लॉजिस्टिक्स नीति और कौशल विकास पर भी जोर
ITLA राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022 की समीक्षा और उसे आवश्यकतानुसार अपडेट करने के लिए परामर्श और सहायता भी प्रदान करेगी। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी भी संस्था की होगी।

सरकार परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दे रही है। इससे नई तकनीकों और बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाने के लिए संस्थागत सहयोग मिल सकेगा।

कुल मिलाकर, ITLA की स्थापना का उद्देश्य परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में अलग-अलग स्तरों पर चल रही योजनाओं को एक व्यापक और समन्वित ढांचे से जोड़ना है। सरकार को उम्मीद है कि इससे बहुआयामी संपर्क मजबूत होगा, बुनियादी ढांचे की दक्षता बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में मदद मिलेगी।

साथ ही, बेहतर डेटा विश्लेषण, परियोजना निगरानी, अनुसंधान और मूल्यांकन के माध्यम से भारत की वैश्विक लॉजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ITLA के माध्यम से विकसित होने वाली संस्थागत क्षमता विजन 2047 के अनुरूप भविष्य की परिवहन और लॉजिस्टिक्स जरूरतों को पूरा करने में सहायक बनने की उम्मीद है।