अंबाला में 594 करोड़ का शहीद स्मारक! अमित शाह ने किया उद्घाटन, जानिए क्या है खास?

Thu 05-Nov-2026,07:19 PM IST +05:30

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अंबाला में 594 करोड़ का शहीद स्मारक! अमित शाह ने किया उद्घाटन, जानिए क्या है खास? Ambala Shaheed Smarak
  • अंबाला में लगभग 594 करोड़ रुपये की लागत से शहीद स्मारक तैयार किया गया है।

  • स्मारक में 23 दीर्घाएं और 2,500 लोगों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर है।

  • वर्चुअल रियलिटी, होलोग्राम और लाइट एंड साउंड शो से इतिहास को जीवंत किया जाएगा।

Haryana / Ambala :

Ambala / जिस अंबाला की धरती से 1857 में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांति की चिंगारी उठी थी, उसी धरती पर अब शहीदों की वीरगाथा को जीवंत किया गया है। आखिर क्या खास है इस भव्य स्मारक में, जो इतिहास को नई पीढ़ी से जोड़ेगा?

हरियाणा के अंबाला में 1857 की क्रांति के शहीदों की याद में बनाए गए भव्य स्मारक का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह स्मारक केवल ईंट-पत्थरों से बनी इमारत नहीं, बल्कि उन लाखों ज्ञात-अज्ञात वीरों के बलिदान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।

अंबाला छावनी में बने इस स्मारक को 1857 से 1947 तक चले स्वतंत्रता संघर्ष को समर्पित किया गया है। गांधी ग्राउंड में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि 10 मई 1857 को इसी ऐतिहासिक क्षेत्र से अंग्रेजी शासन के खिलाफ सशस्त्र क्रांति का बिगुल बजा था। उसी इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस स्मारक का निर्माण किया गया है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से करीब 22 एकड़ भूमि पर लगभग 594 करोड़ रुपये की लागत से यह स्मारक तैयार किया गया है। इसमें कुल 23 दीर्घाएं बनाई गई हैं।

अमित शाह ने 1857 की क्रांति में योगदान देने वाले नानासाहेब पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, अजीमुल्ला खान, बेगम हजरत महल और बहादुर शाह जफर जैसे वीरों को याद किया। उन्होंने वीर बाबू कुंवर सिंह के साहस का भी उल्लेख किया, जिन्होंने 87 वर्ष की आयु में अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध किया था। शाह ने कहा कि ऐसे बलिदानों का इतिहास नई पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।

इस स्मारक की खासियत यह है कि यहां इतिहास को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत करने का प्रयास किया गया है। परिसर में वर्चुअल दीर्घाएं, वर्चुअल रियलिटी, होलोग्राम और इंटरएक्टिव प्रोजेक्शन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके अलावा ऐतिहासिक दस्तावेजों के साथ हरियाणा की कला और संस्कृति को भी प्रदर्शित किया गया है। यहां फुलकारी और सरकंडा शिल्पकला की झलक भी देखने को मिलेगी।

परिसर में करीब 2,500 लोगों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर बनाया गया है। यहां आयोजित होने वाला लाइट एंड साउंड शो दर्शकों को 1857 की क्रांति और आजादी के संघर्ष की घटनाओं से परिचित कराएगा।

अपने संबोधन में अमित शाह ने हरियाणा के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कृषि, खेल, उद्योग, परिवहन और प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों ने देश के खाद्यान्न भंडार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद, भावांतर भरपाई योजना और पशुपालन क्षेत्र में श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने जैसे प्रयासों का उल्लेख किया।

उन्होंने महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण, परिवार पहचान पत्र, ऑनलाइन ट्रांसफर नीति और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जैसी पहलों की भी चर्चा की। इसके साथ ही परिवहन और बुनियादी ढांचे के विकास में हाइड्रोजन ट्रेन, एलिवेटेड रेलवे ट्रैक और अंबाला में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से जुड़ी पहलों का उल्लेख किया।

कार्यक्रम में लगभग 1,260 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का भी लोकार्पण किया गया। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि जो देश अपने शहीदों के बलिदान को याद रखता है, वही अपनी आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान की भावना विकसित कर सकता है।