CBSE BOARD EXAM 2026 शुरू

Tue 17-Feb-2026,11:27 AM IST +05:30

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CBSE BOARD EXAM 2026 शुरू CBSE-Board-Exam-2026-Improvement-Rules
  • 10वीं कक्षा में दूसरी बोर्ड परीक्षा को ही इम्प्रूवमेंट परीक्षा माना जाएगा, जिसके लिए मुख्य परीक्षा के बाद सीमित समय में आवेदन करना होगा।

  • मई में परिणाम जारी होने के बाद 15 जुलाई 2026 को इम्प्रूवमेंट परीक्षा आयोजित होगी, आवेदन प्रक्रिया पर विस्तृत सर्कुलर जारी किया जाएगा।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ प्रदेश में Central Board of Secondary Education (CBSE) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं आज से प्रारंभ हो गई हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इस वर्ष परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया और सुधार नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए हैं। परीक्षा से एक दिन पहले बोर्ड ने संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर विद्यार्थियों और अभिभावकों को नए प्रावधानों की जानकारी दी, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने।

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 12वीं कक्षा के छात्र परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अंक सुधार के लिए दो विकल्प चुन सकते हैं। पहला विकल्प मुख्य परीक्षा के बाद जुलाई 2026 में आयोजित होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा है। इस परीक्षा में छात्र केवल एक विषय में ही सुधार कर सकता है। यदि कोई विद्यार्थी एक से अधिक विषयों में अपने अंक सुधारना चाहता है, तो उसे अगले वर्ष फरवरी में आयोजित मुख्य बोर्ड परीक्षा में पुनः सम्मिलित होना होगा। यानी बहुविषयक सुधार का अवसर केवल वार्षिक मुख्य परीक्षा में ही उपलब्ध रहेगा।

बोर्ड के अनुसार 12वीं कक्षा के लिए इम्प्रूवमेंट परीक्षा 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। मई 2026 में परिणाम घोषित होने की संभावना है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र इम्प्रूवमेंट या कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस संबंध में बोर्ड विस्तृत सर्कुलर जारी करेगा, जिसमें आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और तिथियों की जानकारी दी जाएगी।

वहीं 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए नई व्यवस्था के तहत दूसरी बोर्ड परीक्षा को ही इम्प्रूवमेंट परीक्षा माना जाएगा। मुख्य परीक्षा समाप्त होने के लगभग 10 दिनों के भीतर छात्र अपने प्रदर्शन का आकलन कर दूसरी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहले परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद भी छात्र अपने वास्तविक अंकों के आधार पर दूसरी परीक्षा में बैठने का निर्णय ले सकते हैं। बोर्ड ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचें और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। नई प्रणाली का उद्देश्य छात्रों को लचीलापन प्रदान करना और मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।