NIT Kurukshetra Convocation 2025: अगला गूगल या टेस्ला भारत से होगा- उपराष्ट्रपति
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उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने एनआईटी कुरुक्षेत्र दीक्षांत समारोह में युवाओं से भारत-केंद्रित नवाचार, अनुसंधान और स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करने का आह्वान किया।
भाषण में तकनीक आधारित विकास, ग्रामीण सशक्तिकरण, MSME मजबूती और एनईपी-2020 के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विशेष जोर दिया गया।
भारत को भविष्य की वैश्विक तकनीकी शक्ति बताते हुए, उपराष्ट्रपति ने छात्रों से अगला गूगल या टेस्ला भारत से लाने का संकल्प लेने को कहा।
कुरुक्षेत्र/ भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने आज हरियाणा के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), कुरुक्षेत्र के 20वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए युवाओं से भारत को अपनी नवाचार यात्रा का केंद्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “अगला गूगल, अगला टेस्ला या अगला स्पेसएक्स भारत से हो सकता है और यह संस्थान उस लक्ष्य के सबसे अग्रणी योगदानकर्ताओं में है।”
उपराष्ट्रपति ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज मैकाले युग की औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होकर एक नए आत्मविश्वासी युग में प्रवेश कर चुका है, जहाँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 देश की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी आधुनिक शिक्षा प्रणाली को मजबूत कर रही है। उन्होंने इसे “उद्देश्यपूर्ण प्रगति” की दिशा में भारत की निर्णायक छलांग बताया।
अपने संबोधन में उन्होंने जोर दिया कि प्रौद्योगिकी का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी समाधान पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि भारत आज केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर उभरता हुआ टेक निर्माता बन चुका है। स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों ने देश में उद्यमशीलता के लिए मजबूत वातावरण तैयार किया है।
उन्होंने अनुसंधान के ग्रामीण भारत पर प्रभाव की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शोध ऐसा होना चाहिए जो MSMEs को मज़बूत करे, कृषि का आधुनिकीकरण करे और शहरी-ग्रामीण खाई को पाटे। उन्होंने युवाओं से “टैलेंट ब्रेन-ड्रेन नहीं, ब्रेन-गेन की राह” अपनाने का संदेश दिया।
उपराष्ट्रपति ने एनआईटी कुरुक्षेत्र की उपलब्धियों- 64 प्राप्त पेटेंट, DRDO और ISRO सहयोगी परियोजनाएँ, AI आधारित रक्षा तकनीक, तथा सामाजिक उत्थान के लिए किए गए लो-कॉस्ट इनोवेशन की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान का समग्र व्यक्तित्व विकास केंद्र (CHPD) छात्रों में नैतिकता, मूल्य और मानसिक सुदृढ़ता का विकास करता है, जो भारत की नई शिक्षा प्रणाली का आधार है।
अपने संबोधन का समापन करते हुए उन्होंने छात्रों से नशामुक्त, अनुशासित और सेवा-प्रधान जीवन जीने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “आपकी डिग्री अंत नहीं, एक बड़े दायित्व की शुरुआत है ऐसा दायित्व जो भारत को विकसित राष्ट्र 2047 के लक्ष्य की ओर ले जाएगा।” समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।