डीईओ सोनी: पढ़ाई में लापरवाही नहीं चलेगी, सूरतलाई स्कूल निरीक्षण
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DEO Ghanshyam Soni Inspects Suratlaai School
जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने पनागर के शासकीय हाई स्कूल सूरतलाई का औचक निरीक्षण कर शिक्षकों को पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में कक्षाओं में अनुशासन, पाठ्यक्रम की पूर्णता और परीक्षा रिवीजन कार्य संतोषजनक पाया गया। डीईओ ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि हर छात्र की प्रगति पर व्यक्तिगत निगरानी रखना अनिवार्य है।
जबलपुर/ जबलपुर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग द्वारा लगातार स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने पनागर क्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल सूरतलाई का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण, शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों की तैयारी की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं कक्षाओं में व्यवस्थित रूप से पढ़ाई करते हुए पाए गए। विद्यालय में पाठ्यक्रम समय पर पूर्ण कर लिया गया है और विद्यार्थी आगामी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए रिवीजन कार्य में जुटे हुए हैं। कक्षाओं में अनुशासन और पढ़ाई के प्रति बच्चों की गंभीरता को देखकर जिला शिक्षा अधिकारी ने संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान श्री घनश्याम सोनी ने विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह समय पूरी तरह अध्ययन और परीक्षा तैयारी का है, ऐसे में सभी शिक्षकों को विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देना होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक की जिम्मेदारी है कि वह हर छात्र की शैक्षणिक प्रगति से अवगत रहे। कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त सहयोग दिया जाए ताकि कोई भी बच्चा पढ़ाई में पीछे न रह जाए। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित निरीक्षण का उद्देश्य शिक्षकों पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना है।
निरीक्षण के अंत में विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। शिक्षा विभाग का यह प्रयास जिले में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।