मादुरो की गिरफ्तारी पर किम की चेतावनी, अमेरिका पर युद्ध भड़काने का आरोप
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मादुरो की हिरासत पर किम जोंग-उन की चेतावनी, तीसरे विश्व युद्ध की आशंका जताई।
रूस ने अमेरिका पर वेनेजुएला के खिलाफ सशस्त्र आक्रामकता का आरोप लगाया।
नार्को-टेररिज्म केस से वैश्विक राजनीति में तनाव और बढ़ा।
दिल्ली/ अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को हिरासत में लिए जाने के बाद वैश्विक राजनीति में तेज उथल-पुथल शुरू हो गई है। 3 जनवरी 2026 को इस घटनाक्रम पर उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग-उन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका को सीधे तौर पर चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेल सकती है।
उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति किम जोंग-उन ने अमेरिका की इस कार्रवाई को “दमनकारी और उकसावे वाली नीति” करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी संप्रभु देश के निर्वाचित राष्ट्रपति को इस तरह हिरासत में लेना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। किम ने चेताया कि यदि वेनेजुएला के राष्ट्रपति को तत्काल रिहा नहीं किया गया, तो इसके गंभीर और अपरिवर्तनीय अंतरराष्ट्रीय परिणाम सामने आ सकते हैं।
इस घटनाक्रम के बाद रूस ने भी अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में अमेरिका पर वेनेजुएला के खिलाफ “सशस्त्र आक्रामकता” (armed aggression) का आरोप लगाया। रूस का कहना है कि यह कदम न केवल लैटिन अमेरिका की स्थिरता को खतरे में डालता है, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन को भी बिगाड़ सकता है।
अमेरिका की ओर से इस मामले में अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में मादुरो और उनकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की घोषणा की है। आरोप पत्र में मादुरो पर नार्को-टेररिज्म की साजिश, बड़े पैमाने पर कोकीन तस्करी, मशीनगनों और अन्य घातक हथियारों के अवैध भंडारण तथा अमेरिका विरोधी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क चलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को तोड़ने के लिए की गई है, जबकि कई देशों का मानना है कि यह राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति है। लैटिन अमेरिकी देशों में इस कदम को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं और कई राष्ट्रों ने संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की है। मादुरो की गिरफ्तारी ने अमेरिका, उत्तर कोरिया और रूस के बीच तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। वैश्विक समुदाय की नजर अब इस बात पर टिकी है कि यह संकट कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ेगा या टकराव की दिशा में।