मध्यप्रदेश में बेमौसम बारिश-ओलावृष्टि से फसल तबाह
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ग्वालियर-चंबल संभाग में ऑरेंज अलर्ट, स्कूल बंद और लगातार बारिश से जनजीवन तथा व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित
प्रशासन ने किसानों से फसल नुकसान का आकलन कराने की अपील, राहत और मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद
Madhya Pradesh/ मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बीते दो दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। खरगोन जिले के महेश्वर क्षेत्र में 27 जनवरी की देर रात तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे तैयार गेहूं और चना की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। किसानों के अनुसार ओलों ने फसलों को सीधे नुकसान पहुंचाया, जबकि तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर गिर गईं।
देवास जिले की बागली और हाटपिपल्या तहसील में मावठे की बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। तेज आंधी के बाद हुई बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई है। बारिश के बाद बढ़ी ठंड से फसल खराब होने की आशंका और गहरा गई है। आगर मालवा जिले के कानड़ क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि के चलते खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। यहां गेहूं, चना और सरसों की फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
उज्जैन जिले के घट्टिया और तराना तहसील के ग्रामीण इलाकों में शाम के समय हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से खड़ी फसलें गिर गईं। बमोरी गांव में एक किसान की सात बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट होने की सूचना सामने आई है। नागदा क्षेत्र में नींबू के आकार के ओले गिरने से गेहूं की फसल को गंभीर क्षति पहुंची है। वहीं ग्वालियर-चंबल संभाग में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के चलते 28 जनवरी को कक्षा आठवीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया, जबकि ग्वालियर व्यापार मेले में जलभराव की स्थिति बन गई।
विदिशा जिले के लश्करपुर गांव में भी बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है। प्रशासन ने किसानों से फसल नुकसान का सर्वे कराने की अपील की है, ताकि जल्द राहत और मुआवजा प्रक्रिया शुरू की जा सके।