आसनसोल की बीसीसीएल कोयला खदान में बड़ा हादसा, अवैध खनन के दौरान धंसान से तीन की मौत

Tue 13-Jan-2026,11:31 PM IST +05:30

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आसनसोल की बीसीसीएल कोयला खदान में बड़ा हादसा, अवैध खनन के दौरान धंसान से तीन की मौत Aasansol-Khaddan-Accident
  • बड़ीरा इलाके की बीसीसीएल खदान में सुरंग धंसने से बड़ा हादसा.

  • तीन मजदूरों की मौत, दो घायल, राहत-बचाव कार्य जारी.

West Bengal / Asansol :

Asansol / पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल में मंगलवार को एक बार फिर अवैध कोयला खनन ने जानलेवा रूप ले लिया। कुल्टी थाना क्षेत्र के बड़ीरा इलाके में बीसीसीएल की ओपन कास्ट कोयला खदान में उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब अवैध रूप से कोयला निकालने के दौरान खदान के भीतर बनी सुरंग अचानक धंस गई। इस हादसे में अब तक तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन को आशंका है कि अब भी एक से दो लोग मलबे में दबे हो सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक हादसे के वक्त खदान के अंदर कम से कम 5 से 6 लोग मौजूद थे। अचानक हुए भू-धंसान के बाद खदान में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, जिसमें पोकलेन मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। घायलों को तत्काल आसनसोल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

मृतकों की पहचान गीता बाउरी, सुरेश बाउरी और टिपु बाउरी के रूप में हुई है। इस हादसे में एक महिला की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। वहीं घायल मजदूरों के नाम सुभाष मल्लिक और गोविंद बाउरी बताए जा रहे हैं। जैसे ही हादसे की खबर फैली, खदान के आसपास सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। मृतकों और लापता लोगों के परिजन भी मौके पर पहुंचे और अपनों की तलाश में बदहवास नजर आए।

परिजनों ने आरोप लगाया कि कोयला माफिया से जुड़े कुछ लोग उन्हें घटनास्थल से हटाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे अपने परिजनों की एक झलक पाने की उम्मीद में डटे हुए हैं। स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल और CISF की तैनाती कर दी गई है, ताकि हालात नियंत्रण में रहें।

यह हादसा कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ीरा की इस ओपन कास्ट खदान में पहले भी कई बार धंसान से मौतें हो चुकी हैं, इसके बावजूद अवैध खनन बेरोकटोक जारी है। ग्रामीणों का दावा है कि रोजाना 3 से 4 ट्रक अवैध कोयला यहां से निकालकर आसपास की भट्टियों तक पहुंचाया जाता है, जिससे एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका गहराती है।

घटना पर राजनीति भी तेज हो गई है। बीजेपी विधायक अजय पोद्दार ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह हादसा सुबह पौने आठ बजे बीसीसीएल एरिया-12 बॉर्डर पर हुआ। ग्रामीण रैट-होल माइनिंग के जरिए कोयला निकाल रहे थे और फंस गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मासूम ग्रामीणों की जान जा रही है, जबकि फायदा कोयला सिंडिकेट, माफिया और सिस्टम को मिल रहा है। उनका दावा है कि पुलिस, माफिया और सुरक्षा बलों की मिलीभगत से यह सब चल रहा है।

वहीं टीएमसी के पूर्व कुल्टी ब्लॉक यूथ अध्यक्ष शुभाशीष मुखर्जी ने कहा कि यह एक परित्यक्त खदान है, जो मुख्य सड़क से काफी नीचे स्थित है। अवैध खनन रोकने के लिए बैरिकेडिंग और तारबंदी की गई थी, इसके बावजूद कुछ लोग 300 से 400 फीट नीचे उतरकर बेहद खतरनाक तरीके से कोयला निकाल रहे थे। पूर्व वार्ड काउंसलर अशोक कुमार पासवान ने बताया कि शुरुआत में दो लोगों को होश में बाहर निकाला गया था।

फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन यह हादसा एक बार फिर प्रशासनिक निगरानी, खदानों की सुरक्षा और अवैध कोयला माफिया पर बड़े सवाल खड़े कर गया है।