उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में लखनऊ–दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर भीषण सड़क हादसा हो गया। कम विजिबिलिटी के चलते एक के बाद एक करीब एक दर्जन से अधिक कारें आपस में टकरा गईं। यह हादसा एनएच-9 पर गांव शहवाजपुर डोर के पास हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इस हादसे में 10 लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार कोहरे के कारण अचानक ब्रेक लगने से पीछे आ रहे वाहन आपस में भिड़ते चले गए।
कोहरे का असर पंजाब में भी देखने को मिला। जालंधर शहर में रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई। फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर इसी वजह से 5 से 6 वाहन आपस में टकरा गए। इस हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कोहरे में एक के बाद एक गाड़ियां टकराती चली जाती हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई, हालांकि कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाने का काम शुरू किया, ताकि यातायात को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके। प्राथमिक जांच में हादसे की वजह कोहरे में अचानक ब्रेक लगाना बताया जा रहा है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
इसी तरह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में भी दिल्ली–देहरादून कॉरिडोर एक्सप्रेस-वे पर कोहरे का कहर देखने को मिला। मवीकलां गांव के पास दर्जनभर गाड़ियां आपस में टकरा गईं। यहां भी विजिबिलिटी बेहद कम थी, जिसके चलते चालक सामने चल रहे वाहनों को समय पर नहीं देख पाए। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
फिलहाल क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया जा रहा है और यातायात को धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घने कोहरे में अनावश्यक यात्रा से बचें, वाहन चलाते समय स्पीड कम रखें और फॉग लाइट का इस्तेमाल जरूर करें, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।