भागीरथपुरा मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा
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भागीरथपुरा मामले पर विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस, मृतकों की संख्या और मुआवजे को लेकर विवाद।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुआवजा राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा की, एक आईएएस अधिकारी निलंबित।
Bhopal/ मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भागीरथपुरा मामले को लेकर जोरदार बहस और हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रश्नकाल में इस संवेदनशील मुद्दे को उठाया और सरकार से जवाब मांगा। प्रश्न पूछने से पहले विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जो मामला न्यायालय और संबंधित आयोग में लंबित है, उस पर विस्तृत चर्चा नियमों के तहत संभव नहीं है।
सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि अब तक 22 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को 44 लाख रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की जा चुकी है। मंत्री के इस बयान पर विपक्ष ने आपत्ति जताई।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया कि मृतकों की संख्या 35 से अधिक है और सरकार द्वारा दिया गया मुआवजा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित मंत्री से इस्तीफे की मांग की। सिंघार ने सवाल उठाया कि क्या मंत्री और महापौर को इस पूरे मामले की जानकारी नहीं थी।
इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि मामले में एक आईएएस अधिकारी को निलंबित किया गया है और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को पहले घोषित चार लाख रुपये के स्थान पर अब पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस के कारण सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। हालांकि, अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद कार्यवाही आगे बढ़ी। भागीरथपुरा मामला अब राज्य की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया है, जिस पर आने वाले दिनों में और बहस होने की संभावना है।