महिला उद्यमों को सार्वजनिक खरीद से जोड़ने पर राष्ट्रीय पहल
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विभिन्न राज्यों के एसएचजी प्रतिनिधियों ने सार्वजनिक खरीद से जुड़े अनुभव साझा कर गुणवत्ता, विस्तार और स्थिरता के मॉडल प्रस्तुत किए।
राष्ट्रीय कार्यशाला में स्वयं सहायता समूहों को सरकारी सार्वजनिक खरीद प्रणाली से जोड़कर महिला उद्यमों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की रणनीति प्रस्तुत की गई।
New Delhi/ नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षण प्रसार कार्यशाला में महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को सरकारी सार्वजनिक खरीद प्रणाली से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न मंत्रालयों, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों, विकास भागीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमों को संस्थागत सहयोग देकर उन्हें सरकारी आपूर्ति श्रृंखला में सशक्त भागीदारी के लिए तैयार करना रहा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में महिला आर्थिक सशक्तिकरण को विकसित भारत की आधारशिला बताया गया। मंत्रालय के सचिव ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना केवल सामाजिक पहल नहीं, बल्कि दीर्घकालिक राष्ट्रीय विकास का रणनीतिक निवेश है।
कार्यक्रम में सार्वजनिक खरीद प्रणाली को महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए एक प्रभावी माध्यम बताया गया, जिससे पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। विभिन्न राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकारी खरीद से जुड़ने से उनके उत्पादों की विश्वसनीयता और बाजार विस्तार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
कार्यशाला के दौरान महिला एवं लघु उद्यमों के मार्गदर्शन के लिए एक विशेष माइक्रोसाइट लॉन्च की गई। साथ ही हाउसकीपिंग, लॉन्ड्री, खाद्य प्रसंस्करण और परिधान क्षेत्र से संबंधित तीन क्षेत्र-विशिष्ट प्लेबुक जारी की गईं। एक कॉफी टेबल बुक के माध्यम से सफल उद्यमों की यात्रा और सीख को भी साझा किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों, विकास भागीदारों और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला उद्यमों को सरकारी खरीद तंत्र में विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।