केंद्रीय बजट 2026 में लैंगिक बजट बढ़कर 9.37% हुआ
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Gender-Budget-2026-India
केंद्रीय बजट 2026-27 में लैंगिक बजट आवंटन 9.37 प्रतिशत तक बढ़ाया गया, महिलाओं और बालिकाओं के लिए 5.01 लाख करोड़ रुपये निर्धारित।
53 मंत्रालयों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करते हुए महिला सशक्तिकरण योजनाओं का दायरा अब तक का सबसे व्यापक।
Delhi/ केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री Nirmala Sitharaman ने 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए लैंगिक समानता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। इस बार लैंगिक बजट का कुल आवंटन बढ़ाकर 9.37 प्रतिशत कर दिया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 8.86 प्रतिशत से अधिक है। महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए 5.01 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लैंगिक बजट विवरण में महिलाओं और लड़कियों के लिए 5.01 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष के 4.49 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 11.55 प्रतिशत अधिक है। इस वर्ष 53 मंत्रालयों/विभागों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों को बजट में शामिल किया गया है, जो अब तक की सर्वाधिक भागीदारी है।
लैंगिक बजट को तीन भागों भाग क, भाग ख और भाग ग में विभाजित किया गया है। भाग क के तहत 100 प्रतिशत महिला-विशिष्ट योजनाओं के लिए 1,07,688.42 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। भाग ख में महिलाओं के लिए 30 से 99 प्रतिशत आवंटन वाली योजनाओं हेतु 3,63,412.37 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि भाग ग में 30 प्रतिशत से कम आवंटन वाली योजनाओं के लिए 29,777.94 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास विभाग और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सहित कई मंत्रालयों को 30 प्रतिशत से अधिक आवंटन दिया गया है। यह बजट महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक सशक्तिकरण को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।