ICAR-IARI के 64वें दीक्षांत में 470 छात्रों को उपाधि

Thu 12-Feb-2026,03:42 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

ICAR-IARI के 64वें दीक्षांत में 470 छात्रों को उपाधि ICAR-IARI-64th-Convocation-2026-Delhi
  • जलवायु परिवर्तन के अनुरूप शोध और किसानोन्मुख नवाचारों पर संस्थान का विशेष फोकस, उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में प्रयास।

  • प्लेसमेंट सेल, स्टार्टअप प्रोत्साहन और ए+ ग्रेड मान्यता के साथ आईएआरआई देश का अग्रणी कृषि शिक्षा केंद्र।

Delhi / Delhi :

New Delhi/ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईएआरआई), पूसा के 64वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में संस्थान की शैक्षणिक, शोध एवं संस्थागत उपलब्धियों को साझा किया गया। 13 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (एनएएससी) स्थित भारत रत्न सी. सुब्रह्मण्यम सभागार में आयोजित समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करेंगे।

संस्थान के निदेशक डॉ. सीएच श्रीनिवास राव ने बताया कि इस वर्ष कुल 470 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इनमें 180 पीएचडी शोधार्थी (70 महिला, 110 पुरुष) तथा 290 एमएससी/एमटेक विद्यार्थी (126 महिला, 164 पुरुष) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आईएआरआई देश में कृषि अनुसंधान और उच्च शिक्षा का अग्रणी केंद्र है और अब तक 12,000 से अधिक पूर्व छात्र देश-विदेश में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

डॉ. राव ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के मद्देनजर शोध को अधिक व्यावहारिक और किसानोन्मुख बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि देश के लगभग 70 प्रतिशत कृषि वैज्ञानिक आईसीएआर संस्थानों से शिक्षित हैं, जो कृषि शिक्षा में इसकी अग्रणी भूमिका को दर्शाता है।

डीन डॉ. अनुपमा सिंह ने कहा कि संस्थान में अकादमिक पाठ्यक्रम के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। एक सक्रिय प्लेसमेंट सेल तथा स्टार्टअप प्रोत्साहन तंत्र विद्यार्थियों को रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान कर रहा है। यही कारण है कि यहां के विद्यार्थी विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थानों में बड़ी संख्या में चयनित हो रहे हैं।

121 वर्ष पुराने इस प्रतिष्ठित संस्थान का शैक्षणिक कार्यक्रम 1923 में प्रारंभ हुआ था। वर्तमान में आईएआरआई (डीम्ड विश्वविद्यालय) में 3,374 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। झारखंड और असम सहित देशभर में इसके क्षेत्रीय केंद्र कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा दे रहे हैं। ए+ ग्रेड से सम्मानित आईएआरआई देश के कृषि संस्थानों के लिए मार्गदर्शक भूमिका निभा रहा है।