पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत, असम केस में तेलंगाना कोर्ट से राहत
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पवन खेड़ा को तेलंगाना हाईकोर्ट से एक सप्ताह की अग्रिम जमानत, गुवाहाटी कोर्ट में पेश होने का निर्देश।
कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज, मामले ने राजनीतिक और कानूनी रूप लिया।
Assam Case/ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Pawan Khera को असम में दर्ज एक विवादित मामले में बड़ी राहत मिली है। Telangana High Court ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें एक सप्ताह की अंतरिम राहत प्रदान की है। अदालत के आदेश के अनुसार, इस अवधि के भीतर उन्हें गुवाहाटी की संबंधित अदालत में उपस्थित होना होगा।
यह मामला तब सामने आया जब पवन खेड़ा ने Himanta Biswa Sarma की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा को लेकर कुछ गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद मुख्यमंत्री की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर गुवाहाटी अपराध शाखा ने खेड़ा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
खेड़ा ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका में अदालत को बताया कि वह कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं और गिरफ्तारी से बचाव के लिए उन्हें अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए। याचिका में उन्होंने अपना निवास हैदराबाद बताया, जहां उनकी पत्नी का भी संबंध है।
इस मामले की सुनवाई 9 अप्रैल को हुई, जिसके बाद 10 अप्रैल को अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी। इससे पहले असम पुलिस की एक टीम उनसे पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंची थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे। पुलिस ने घर की तलाशी लेकर कुछ दस्तावेज मिलने का दावा किया था।
इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि उनकी पार्टी ने केवल कुछ सवाल उठाए थे और सरकार को उनका जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सवालों का जवाब देने के बजाय उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जा रही है। खेड़ा ने यह भी कहा कि वह पुलिस से डरते नहीं हैं, लेकिन वह अपने सवालों को जारी रखना चाहते हैं।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने बिना सत्यापन के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में गुवाहाटी अदालत में सुनवाई के दौरान इस विवाद में और नए पहलू सामने आ सकते हैं।