पार्टी की ओर से तपस रॉय को स्टेट संकल्प पत्र समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वहीं, डॉ. अशोक लहरी को समिति का कन्वीनर और अग्निमित्रा पॉल को को-कन्वीनर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कई अन्य वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं को भी समिति में शामिल किया गया है, ताकि विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। भाजपा का प्रयास है कि घोषणापत्र केवल कागजी वादों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी हकीकत और लोगों की वास्तविक जरूरतों को प्रतिबिंबित करे।
यह समिति पश्चिम बंगाल के लोगों से जुड़े प्रमुख मुद्दों, विकास योजनाओं और जन अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए संकल्प पत्र का मसौदा तैयार करेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, समिति किसान, युवा, महिलाएं, व्यापारी, श्रमिक और समाज के अन्य वर्गों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को शामिल करेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कानून-व्यवस्था, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की योजना है। भाजपा का उद्देश्य ऐसा घोषणापत्र प्रस्तुत करना है, जो राज्य के समग्र विकास और सुशासन की दिशा में एक स्पष्ट रोडमैप पेश करे।
राज्य संकल्प पत्र समिति का गठन भाजपा की चुनावी रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि पार्टी 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुकी है। भाजपा नेतृत्व यह संदेश देना चाहता है कि वह केवल सत्ता विरोधी राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के भविष्य को लेकर एक ठोस और सकारात्मक एजेंडा लेकर मैदान में उतरेगी।
इसी क्रम में भाजपा के नव-नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पश्चिम बंगाल दौरा भी बेहद अहम माना जा रहा है। 27 और 28 जनवरी को होने वाला यह दौरा, अध्यक्ष बनने के बाद किसी राज्य का उनका पहला आधिकारिक दौरा होगा। इस दौरान वे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 27 जनवरी को नितिन नवीन दुर्गापुर में स्टेट कोर टीम मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे, जहां संगठनात्मक रणनीति, राजनीतिक रोडमैप और आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अगले दिन 28 जनवरी को वे पूर्व बर्धमान के चित्रालय मेला मैदान में आयोजित बर्धमान विभाग कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे। इसके बाद दोपहर में रानीगंज में आसनसोल जिला कार्यकर्ता बैठक में शामिल होकर जिला स्तर के संगठनात्मक मुद्दों की समीक्षा और मार्गदर्शन करेंगे।
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह भी 30 और 31 जनवरी को पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे। उनके इस दौरे को भी चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमित शाह संगठनात्मक और राजनीतिक बैठकों के माध्यम से पार्टी कैडर में नई ऊर्जा भरने और आगामी चुनौतियों को लेकर रणनीति तय करने पर जोर देंगे। कुल मिलाकर, भाजपा पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ती नजर आ रही है।