नीतीश कुमार फिर बने JDU अध्यक्ष: निर्विरोध चुनाव, राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ेगी भूमिका
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नीतीश कुमार निर्विरोध जेडीयू अध्यक्ष बने.
किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया.
राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ सकती है उनकी भूमिका.
Patna / Nitish Kumar को एक बार फिर जनता दल यूनाइटेड (JDU) का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया है। यह फैसला उस समय सामने आया, जब नामांकन की अंतिम समय सीमा तक उनके अलावा किसी अन्य नेता ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया। ऐसे में सर्वसम्मति से उन्हें पार्टी की कमान सौंप दी गई।
पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 24 मार्च 2026, सुबह 11 बजे तक निर्धारित थी। समय समाप्त होने के बाद निर्वाचन अधिकारी के पास केवल नीतीश कुमार का नामांकन ही शेष रहा, जिसके बाद उनका निर्विरोध चयन तय हो गया। दोपहर 2:30 बजे निर्वाचन अधिकारी अनिल प्रसाद हेगड़े द्वारा उन्हें औपचारिक रूप से निर्वाचित घोषित किया गया। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता—संजय कुमार झा, Rajiv Ranjan Singh (ललन सिंह), श्रवण कुमार सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने दिसंबर 2023 में जेडीयू की कमान उस समय संभाली थी, जब ललन सिंह ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उस वक्त पार्टी महागठबंधन का हिस्सा थी और राष्ट्रीय स्तर पर नई राजनीतिक दिशा की तलाश कर रही थी। लेकिन कुछ ही समय बाद, जेडीयू ने आरजेडी और महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में वापसी कर ली।
नीतीश कुमार का यह कार्यकाल राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल ही में उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा का रास्ता चुना है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे अब राष्ट्रीय राजनीति में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
इसी बीच, उनके बेटे निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें बिहार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कुल मिलाकर, नीतीश कुमार का दोबारा निर्विरोध अध्यक्ष बनना यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर उनका प्रभाव और स्वीकार्यता अब भी मजबूत है। आने वाले समय में उनकी रणनीति न केवल जेडीयू की दिशा तय करेगी, बल्कि बिहार और राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।